चाहत
चाहत
शोर तो सब सुन लेते है,
मगर हम सिर्फ तुम्हारी
खामोशियाँ सुनना चाहते है।
भीड़ में तो सब साथ होते है,
मगर हमे सिर्फ़ तुम्हारी
तन्हाई का साथ चाहिये।।
कहे हुए बातों को तो
सब सुन लेते है,
मगर हमे तुम्हारे
अनकही बातें सुनना है।।
भागना तो सब चाहते है,
मगर हमे तुम्हारे साथ ठहरना है।।
प्यार तो सब करते हैं तुम से,
मगर मोहब्बत सिर्फ
हम करना चाहते है।।

