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बसंती हवा

बसंती हवा

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हवा हूँ हवा हूँ

बसंती हवा हूँ,


जिधर चाहती हूँ

उधर घूमती हूँ,


आसमाँ सिताारों से

बातें करती हूँ।


मस्त मगन में

चारों दिशाओं में घूमती हूँ।


हवा हूँ, हवा हूँ

बसंती हवा हूँ।।


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