बस एक
बस एक
बस एक…
मैं पहले भी अकेली थी
आज भी अकेली हूँ
मैं एक ही रहूँगी
मैं एक ही थी।
बस एक…
अर्धांगिनी बनी मैं
तो आधी ही हुई
दो आधे आधे मिले
तो एक ही तो हुए।
बस एक…
तो कल भी मैं
एक थी
आज भी एक ही बनी
दो मिल बने एक।
बस एक…
प्रकर्ति का विधान नेक
लेकिन हम तो रहे एक
मैं भी रही एक
और तुम भी एक।
बस एक…
कुछ भी नियम लगे
हम रहे एक तुम रहे एक
हमेशा रहेंगे एक
हम तुम एक।
बस एक….
