STORYMIRROR

Sippy Khardia

Romance

4  

Sippy Khardia

Romance

बरसती चांदनी

बरसती चांदनी

1 min
292

तेरे आरिजो पर चांदनी बरसते देखा मैने,.

सोने की जमीन पर आज चांदी पिघलते देखा मै ने, 

जिस सितारे की तलाश में आसमान रात भर परेशान रहा, 

इसी सितारे को तेरे माथे पर चमकते देखा मैने , 

इस उम्मीद पर की में उस का नाम बता दूंगा , 

देर रात तक चांद को अपने छत पर टहलते देखा मैंने, 

तमाम बहसमुबाहिसो के बावजूद कुछ हासिल न हो सका, 

मायूसी लिए इन सब को देर बाद घर जाते देखा मैने, 

तेरे जाने के बाद भी अपनी तन्हाई का रंज न रहा , 

इन्ही सितारों से दिल को अपने तुझे सजाते देखा मैने।।    


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance