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Reena Srivastava

Abstract

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Reena Srivastava

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बंसत ऋतु

बंसत ऋतु

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ऋतु आई ऋतु आई। 

आ गई बंसत की ऋतु आ गई।

ये मौसम लगता है बड़ा सुहाना।

 देख कर मन खुशी से झूम उठता।


पहले मनाई हमने बसंत पंचमी।

इस मौसम मे नाचते, गाते।

मनाते हम रंगो का त्योहार।

चलो तरफ चल रहा पतझड़ का मौसम।


फिर खिलेंगे फूल और पत्ते।

बसंत का मौसम रहता है खिला-खिला।

ना रहती इसमे ज्यादा गर्मी ना ठंड।

इस मौसम मे रहता है मन पर्सन।


बसंत ऋतु लेकर आती है बहार।

ऋतु आई, ऋतु आई।

बंसत की ऋतु आयी।


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