STORYMIRROR

Reena Srivastava

Children Stories

4  

Reena Srivastava

Children Stories

स्कूल की दोस्ती

स्कूल की दोस्ती

1 min
414


 क्या खूब थीं वो स्कूल की यादें

 जब हम बने थे चार दोस्त  

 दोस्ती थी हमारी अटूट 

 हम कभी ना भुला पाऐ  

कुछ खट्टी, कुछ मीठी 

बन कर रह गई यादें हमारी    

 वक्त से मजबूर होकर हम

बिछड़ गए सारे दोस्त

 ना जाने कहां कहां

बस यादों मे बनकर   

 रह गई उनकी छवि

 याद करती हूं जब उन्हें

 आंखें हो जाती हैं नम

 स्कूल की दोस्ती थी हमारी

 कोई अटूट रिश्ता से कम नही

काश कि वो लम्हे

फिर से लौट कर आ जाएं

मिल बैठें हम सब दोस्त

 याद करके उन दिनों को

जब हुआ करते थे

 हम स्कूल के दोस्त।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन