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AVINASH KUMAR

Abstract

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AVINASH KUMAR

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बीती बात हम भूले

बीती बात हम भूले

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बीती रात कमल दल फूले

बीती बात हम सब भूले

सपनों के सागर में झूले

फिर से नये निकाले मोती

जीवन की है यात्रा छोटी 


नहीं किसी से रखे द्वेष

ना हो मन में कोई क्लेश

हंसी खुशी बिता लो जीवन

जितना भी जिएं जिएं विशेष 


भविष्य की चौखट की खातिर

बीती बातें हम सब भूलें

बीती रात कमल दल फूले।


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