STORYMIRROR

Jai Singh(Jai)

Inspirational

3  

Jai Singh(Jai)

Inspirational

"भू ही कंपकंपाती"

"भू ही कंपकंपाती"

1 min
250

कंपकंपाती  ठंड में, हर नर सटपटाएं।

धरतीपुत्र क्यां का बना,कति ना डगमगाएं

कति ना डगमगाएं ,मांग जायज गिनवाएं

अनशन की राह चल, गांधी याद दिलवाएं।

तेज आंदोलन कर, काम करें करामाती।

ऐसे  ही  वीर  से, भू  ही  कंपकंपाती।

 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational