भ्रूणहत्या
भ्रूणहत्या
एक बच्ची पेट में माँ से बात करती है सपने में कहती हैं।
बेटी---माँ मैं तेरी परछाई हूँ।
मुझे आने दो इस संसार में
मुझे तुमसे कुछ नहीं चाहिए।
बस थोड़ा सा प्यार दे देना। और बाकी प्यार भाई को दे देना।
माँ ---कहती है मैं क्या करू तेरे आने से मुझे बहुत खुशी हो रही है
तेरी दादी-दादा नहीं चाहते उन्हें तो पौता चाहिए।
बेटी ---माँ तुम मुझे लेकर नानी के घर चली जाओ माँ तुम भी तो
एक बेटी हो उस घर की तुमको भी मेरी तरह मार दिया जाता तब तुम क्या करती।
माँ-- बोली मेरे पापा तो जब सुने की मेरी माँ को बेटी है पेट में बहुत खुश हुएं
बोले बेटा क्या जन्म के साथ ही कमाने लगेगा
बेटी--तभी तो कहती हूँ नानी के पास चलो माँ
मत मारो मुझे कोख में आने दो मुझे तेरी गोद में
माँ भैया से बढ़के काम करूंगी।
पढ़-लिख कर मैं तुम्हारा नाम करूंगी
घर आँगन में खेल कूद कर चली जाऊंगी बेटी बचाओ बेटी पढ़ोओ अभियान
बेटी नहीं तो सृष्टि नहीं
शिवशक्ति बिन संसार नहीं।

