STORYMIRROR

Rajkumar Sharma

Inspirational

2  

Rajkumar Sharma

Inspirational

भ्रामरी प्राणायाम

भ्रामरी प्राणायाम

1 min
154


सिद्धासन में बैठकर,

श्वास को अन्दर खींचें।

दोनों हाथों की मध्यमा से,

दोनों नेत्र है मीचें।।


दोनों अंगुष्ठों से अपने,

कानों को बन्द करिए।

भौंरे की तरह गुंजन कर,

श्वास को बाहर करिए।।


मन, मस्तिष्क शान्त हो,

दूर उच्च रक्तचाप।

हृदय रोग से दूर रखे,

न हो मानसिक तनाव।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational