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Er.Saurabh Pandey

Abstract


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Er.Saurabh Pandey

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भारत

भारत

1 min 14 1 min 14

इस देश की माटी में जन्म हुआ

कुछ फर्ज निभा कर ही जाऊंगा।

ऊँचे झंडा को देखकर मुझे,

सीना चौड़ा हो जाता मेरा।

रोज रोज शहादत सुनकर,

आँखे नम हो जाती मेरी

भारत माता के मुस्कान देखकर

हँस कर आँखे भर आती मेरी

कुर्बानी की इस जंग में मेरा

हर पथ में साथ होगा मेरा

देश के इस लहराते तिरंगे को

सदैव दिखाने को मन करता मेरा।।

            


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