बेवफा
बेवफा
जो था मेरा वो हो गया जुदा
दिल वो तोड़ गया ऐ मेरे ख़ुदा
जलता है ये दिल मेरा और मैं
होती हूँ ख़ाक़ क्यों ऐ मेरे ख़ुदा
टिप टिप बहते हैं आंखों से आंसू
मन भी रोये जाये मेरा ऐ मेरे ख़ुदा
दिल में ख़लिश है मचलती मेरे
कैसे भूलाऊं उसे मैं ऐ मेरे ख़ुदा
राते हो गयीं हैं मेरी तन्हा अकेली
डसते हैं ख्वाब मुझको ऐ मेरे ख़ुदा
इन आंखों में प्यासे ख्वाब बोते हैं
वो मेरा ख्वाब नहीं है ऐ मेरे ख़ुदा
आंखों में याद उसकी पिघलती है
रूठ गये वो छूट गये ऐ मेरे ख़ुदा
ढूँढती हैं मेरी निगाहें उस बेवफ़ा को
जिसने तोड़ा है मेरा दिल ऐ मेरे ख़ुदा
बन गया है वो क्यों आज अजनबी
जाने ना मुझे पहचान ना ऐ मेरे ख़ुदा
मेरे प्यार को उसने यूँ भुला दिया
दर्द कैसा उसने मुझे दिया ऐ मेरे ख़ुदा
प्यार नहीं वो क्या इक प्यास था
मेरे लिए तू ही बता ऐ मेरे ख़ुदा
दुआ है मेरी भला हो तेरा ओ बेवफ़ा
रख सलामत और खुश उसे ऐ मेरे ख़ुदा

