कोरोना
कोरोना
कोरोना को हराना है
नजदीकियां मिटा दी इसने,
दूरियों को दिया बढ़ा
न मिला सकते हैं हाथ
न ही मिल सकते हैं गले
ऐसा बुरा मंजर...
इन आँखों ने पहले नहीं देखा था
तेरे आने के बाद का मंजर मेरी आँखों में
तैर रहा है
बहती हुई कश्ती की तरह ...
फिर भी हमने ठाना है,
कोरोना को हराना है
नहीं निकलेगें बिना जरूरत घर से बाहर
अपनाएंगे प्रसारित उपायों को
बनाएंगे सोशल डिस्टेंसिंग
मिटाएंगे भ्रान्तियों को मन से
करेंगे मदद उन लोगों की...
जो हैं असहाय, बेसहारा और मजबूर
रह रहे हैं भूखे और सह रहे हैं दुख
कोरोना को हराना है
तेरे आने से विश्व में छाई है मायूसी
उदास हैं सब...
तूने फैलाया है कहर , मचाया है आतंक,
छाया है अंधेरा गमों का ,
टूटा है दुखों का पहाड़
कर दिया है तूने...
कितनों को बेसहारा, अनाथ और विधवा ?
कितनी जानें ली हैं तूने?
कितने घर उजाडे़ हैं?
कोरोना तुम्हें हराने की
हर मुमकिन कोशिश जारी है
करेंगे परहेज, रहेंगे घर में,
करेंगे लाॅकडाउन का स्वेच्छा से पालन,
बढ़ाएंगे रोग प्रतिरोधक क्षमता,
तोड़ेंगे संक्रमण का चैन,
मिटाएंगे जड़ से इस महामारी को
कोरोना को हराना है
करतीं हूँ शुक्रिया दिल से
उन तमाम ....
स्वास्थ्य कर्मियों, सुरक्षा कर्मियों
और सफाई कर्मचारियों का
और उनके
मेहनत, समर्पण और जज़्बों को
करती हूँ दिल से सलाम
कोरोना को हराना है
कोरोना को भगाना है
मिटाना है जड़ से इसको
यह संकल्प हमारा है।
