STORYMIRROR

Mrs. Mangla Borkar

Inspirational

4  

Mrs. Mangla Borkar

Inspirational

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ

1 min
224


बेटी से रोशन ये आँगन

बेटी से ही अपनी पहचान,

हर लम्हे में खुशी घोलती

बेटी से ही अपनी शान।

शिक्षा-स्वास्थ्य-रोजगार

विज्ञान हो या संचार,

तेरी काबिलियत के आगे

नतमस्तक सारा संसार।

गाँव-शहर-कस्बों में

बेटी पढ़ती-बढ़ती जाए,

नई चेतना से आओ अब

अपना देश जगाएँ।

धूमधाम से जन्में बेटियाँ

पढ़कर ऊँचा कर दें नाम,

आओ बेटियों के सपनों में

भर दें मिलकर नई उड़ान।

         


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational