STORYMIRROR

हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Inspirational

4  

हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Inspirational

बावरा मन देखने चला एक सपना

बावरा मन देखने चला एक सपना

1 min
387

बावरा मन देखने चला एक सपना 

इस झूठे संसार में क्या है कोई अपना 

बावरा मन देखने चला एक सपना 

रंग बदलती इस दुनिया में कैसे रंग बदलते लोग 

अपना बनकर साथ हैं चलते और धोखे से लूटते लोग 

स्वार्थ की खातिर गले लगाते और गले को काटते लोग 

बेदर्दी से रिश्तों का ही गला घोंटते देखे लोग 

ऐसे लोगों से हम सबको है बचना 

बावरा मन देखने चला एक सपना 

हिंसा का साम्राज्य यहां पर षडयंत्रों का पहरा है 

हर कोई आकर जो देता घाव बड़ा ही गहरा है 

अपने चारों ओर है फैला भीषण गम का सहरा है 

काश कि वो भी सच हो जाये देखा जो ख्वाब सुनहरा है 

नेकी के पथ पर हम सबको है चलना 

बावरा मन देखने चला एक सपना 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational