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Dharmesh Sharma

Drama Romance

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Dharmesh Sharma

Drama Romance

बात चल पड़ी

बात चल पड़ी

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उसे चाय बहुत पसंद थी,

और मुझे समोसे,

बस फिर क्या था,

हमारी बात चल पड़ी।


उसे नई जगहों को,

घूमना पसंद था और मुझे रास्ते,

बस फिर क्या था,

हमारी बात चल पड़ी।


उसे बच्चे बहुत पसंद थे,

और मुझे बचपना

बस फिर क्या था,

हमारी बात चल पड़ी।


एक दूसरे की पसंद से,

पसंद मिलती गयी

ज़िन्दगी यूहीं साथ,

चलती रही।


उसे मैं बहुत पसंद था,

और मुझे वो,

बस फिर क्या था,

हमारी बात चल पड़ी।


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