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Hemant Mohan

Abstract

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Hemant Mohan

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अटल विश्वास

अटल विश्वास

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फिर अटल विश्वास ने बदला धरातल 

आसमानी दिल हमारा हो गया।

बाद मुद्दत के उजाला जो हुआ

रातरानी दिल हमारा हो गया।


फिर अटल विश्वास ने बदला धरातल

आसमानी दिल हमारा हो गया।

चल पड़ी फिर से लहर बदलाव की 

जब हवाओं का इशारा हो गया।


देखकर साहस परिंदों का अटल

ख़ुद समंदर भी किनारा हो गया।

फिर अटल विश्वास ने बदला धरातल

आसमानी दिल हमारा हो गया।


फिर पटल पर छा गये मनमीत बादल 

नम हृदय फिर से हमारा हो गया।

केसरी रंग प्यार का जब से हुआ  

मन हमारा चांद तारा हो गया।


फिर अटल विश्वास ने बदला धरातल

आसमानी दिल हमारा हो गया।

फिर संवारा बागबां ने बाग को 

ख़्वाब भी संदल हमारा हो गया।


हद से ज़्यादा ख्वाहिशों को बल मिला 

हौसलों का जब सहारा हो गया।

फिर अटल विश्वास ने बदला धरातल

आसमानी दिल हमारा हो गया।


फिर धरातल पर उगीं कुछ कोपलें 

और बहारों का नज़ारा हो गया।

नेक मन जब राष्ट्रहित में चल पड़ा 

ताज फिर मुमकिन दुबारा हो गया।


फिर अटल विश्वास ने बदला धरातल

आसमानी दिल हमारा हो गया।


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