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Hajari lal Raghu

Inspirational

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Hajari lal Raghu

Inspirational

अस्तित्व के लिए नमन

अस्तित्व के लिए नमन

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मुझे

अस्तित्व में लाने के लिए

मेरे लिए

अपना सब कुछ खोने लिए

तुम्हारी

उस जीत के लिए

मेरे

अस्तित्व के लिए नमन


कैसा

जद्दोजहद था वह

पर

तुम लड़ती गयी सब

दुखों को भूल कर

मुझ पर

आंचल डालती गयी

तेरे

उस संघर्ष को सलाम

मेरे

अस्तित्व के लिए नमन


पुष्प भी 

कठोर लगते है माँ

हवा भी

खरोंचती है

तेरी

आह को

मेरे

अस्तित्व के लिए नमन ।।



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