अनुकरणीय पुराण
अनुकरणीय पुराण
पौराणिक कथाएं सुनते - सुनते, उनका अनुकरण करते -करते,
ज़िन्दगी कब बीत गयी,ना जाने कितने बरस चले गए,
पता ही न चला कि कब बचपन से निकल कर जवानी की दहलीज़ पर हम पहुँच गए.
इन कथाओं में छुपे हुए हैँ राज़ इतिहास के,
कुछ जाने तो कुछ अनजाने, छुए - अनछुए एहसासों के.
इन कथाओं पे आश्रित है हमारा अस्तित्व, ये हैँ हमारी आधारशिला,
जीवन जीने का मिलता भरपूर ज्ञान इनसे, सफल हों जाता वो जिसने इनका ध्यान धरा.
रामायण में राम और सीता बोध कराते परिणय- सूत्र की शक्ति और इसके मान - सम्मान का महत्त्व ,
दशरथ जैसे पिता और चक्रवर्ती सम्राट की जीवनी उजागर करती अपने राष्ट्र के प्रति सद्भावना व समर्पण भाव.
महाभारत की कथा देती सबका आदर-सत्कार करने की सीख,
कौरवों का विधवन्स और पाण्डवों का लहराता परचम दर्शाता बुराई पर अच्छाई की जीत.
जातक की कथाओं में समाहित हैँ बुद्ध के जीवन का वृत्तांत,
दर्शातीँ यें कि सूझबूझ, विवेक, समर्पण-भाव और शांत चित्त से हो जाता सभी कष्टों का समाधान.
जीवन-निर्वाह करने का ज्ञान छुपा वेदों और उपन्यासों में जिनके साधकों का बजता सम्पूर्ण विश्व में डंका,
पंचतंत्र की कथाओं में समाहित व्यवहारिकता और राजकाज के सिद्धांतों के अनुसरण से संवर जाता जीवन सभी का .
वास्तविक हैँ या नहीं,सच्चे हैं या काल्पनिक ,क्या हैँ इनका स्त्रोत, रहस्य यें किसी को ज्ञात नहीं,
सुन्दर बना देतीं ये संसार, समाहित इनमें संस्कार बेशुमार, पौराणिक कथाओं से बढ़ कर धरोहर कोई और नहीँ..
