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मिली साहा

Abstract

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मिली साहा

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अंतरजाल - इंटरनेट

अंतरजाल - इंटरनेट

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ऐसा यह वरदान जिसके बिना असंभव अब ज़िन्दग़ी की ताल।

एक उंगली के टच पे है दुनिया पूरी ऐसा अद्भुत ये अंतरजाल।।


प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से संपूर्ण मानव जाति इससे है ऐसे जुड़ी।

कि पल भर को भी गायब हो जाए अगर तो हो जाता बुरा हाल।।


हो गया है इंटरनेट भी ज़रूरी रोटी कपड़ा और मकान की तरह।

क्यों न हो आखिर इसी से रहन-सहन में बदलाव आया कमाल।।


सात समंदर पार बैठे अपनों से संपर्क साधना हो गया आसान।

जुड़े रहते हैं अब अपनो से ऐसे जैसे आपस में जुड़े रहते जाल।।


बच्चों की स्कूल क्लास, ऑफिस की मीटिंग सबका ये समाधान।

जीने का आधार बन चुका है इंटरनेट, बन गया यही मायाजाल।।


मोबाइल लैपटॉप माध्यम से आ चुका यह हमारी उंगलियों पर।

इसके बिना अब जीवन की कल्पना करना भी हो गया मुहाल।।


ऑनलाइन शॉपिंग व्यापार बैंकिंग शिक्षा मनोरंजन का ये स्त्रोत।

साथ-साथ चिकित्सा और कृषि क्षेत्र में भी उपयोगी अंतरजाल।।


विशाल नेटवर्क सिस्टम का विश्वव्यापी कनेक्शन बन चुका यह।

जिसके बिना एक कदम भी चलना आज बन गया एक सवाल।।


कितने नए दोस्त बन जाते इंटरनेट पे मिले अनंत जानकारी भी।

पल में हो संवाद पल में पहुँचते संदेश सच यह इंटरनेट कमाल।।


रोजगार के कई नए- नए विकल्पों को, इंटरनेट ने किया उत्पन्न।

जिसकी मदद से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मचा है धमाल।।


लाखों-करोड़ों लोग कमा रहे हैं, इंटरनेट बना तरक्की का द्वार।

ज्ञान का स्रोत भी है ये, छात्रों बुद्धिजीवियों के लिए है कमाल।।


किंतु हर सिक्के के दो पहलू होते कुछ लाभ हैं तो नुकसान भी।

लत लग जाए गर इसकी बुरी तो बदल जाती जीवन की चाल।।


ग्लोबल वार्मिंग की वृद्धि का कारण बनता जा रहा यह इंटरनेट।

बिगाड़ रहा है मानसिक स्वास्थ्य भी, इसका अधिक इस्तेमाल।।


कम उम्र में ही बच्चे चकाचौंध की दुनिया में होते जा रहे लिप्त।

पढ़ाई से मन विचलित, गलत राह चुनने में भी, बनता ये ढाल।।


कई तरह के साइबर क्राइम होते इससे,‌ होते रिश्तो में मतभेद।

इंटरनेट की दुनिया में कैद बजे है सबकी, अपनी-अपनी ताल।।


इंटरनेट से लगी सोशल मीडिया की लत, समय कर रही बर्बाद।

किंतु नुकसान से ज्यादा फायदे इसके जो करो सही इस्तेमाल।।


छात्रों के लिए आविष्कार है इंटरनेट, जीवन के लिए है वरदान।

सही दिशा में प्रयोग करो इसका बनाओ न इसको मायाजाल।।



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