अकपट...
अकपट...
माता-पिता
हमारे लिए
सर्वोत्कृष्ट उपहार हैं...
मगर हम
अक्सर अपने
सपनों की
दिशाहीन भागदौड़ में
उन्हें
अनजाने में
पीछे छोड़ आते हैं...
समय बलवान होता है !
इसलिए हमें
समय रहते
अपने माता-पिता का
संपूर्ण निस्वार्थ भाव से
साथ देना चाहिए...
अपने वैवाहिक जीवन की
स्वर्ण-रथ पर आरोहण कर
क्षणभंगूर मरु-तृष्णा में
अपने सर्वोत्कृष्ट योगक्षेम से
कभी मुँह नहीं मोड़ना चाहिए!
