ऐसी समझ कहाँ
ऐसी समझ कहाँ
लोग आपको समझ सकें
ऐसी समझ कहाँ
अनजाने राहों पर
अनजाने लोगों से,
अनकही बातों को
जो समझ सके
ऐसी समझ कहाँ
मैं नहीं तुम
तुम नहीं आप
आप नहीं हम
ऐसी समझ कहाँ …
लोग आपको समझ सकें
ऐसी समझ कहाँ
अनजाने राहों पर
अनजाने लोगों से,
अनकही बातों को
जो समझ सके
ऐसी समझ कहाँ
मैं नहीं तुम
तुम नहीं आप
आप नहीं हम
ऐसी समझ कहाँ …