STORYMIRROR

Razada *Khatoon Raaz'*

Romance

2  

Razada *Khatoon Raaz'*

Romance

अहसास

अहसास

1 min
138

सात रंगों में खुद को लपेटे हुए 

इस जमीं आस्मां को समेटे हुए


एक सुनहरी सुबह सांवली शाम तुम 

सूना सूना क्यों तेरा संसार है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Razada *Khatoon Raaz'*

Similar hindi poem from Romance