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KAVY KUSUM SAHITYA

Drama

3  

KAVY KUSUM SAHITYA

Drama

अहिंसा

अहिंसा

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अहिंसा मानव, मानवता का संसार लिये  

 करुणा, प्रेम, छमाँ , गुण, धन धान्य लिये           

जीव, आत्मा के रिश्तों का वैभव विधि विधान लिये                 


प्राणी, प्राण, समानता सत्य का ब्रह्मांड लिये             

दुःख, शुख विषाद ना हर्ष का अवनि अम्बर का सिद्धान्त लिये 

प्राणी, प्राण का उद्धार मोक्ष उदेशय मार्ग लिये         


हिंसा पर विजय सत्य अंहिसा का हाथ आत्म हथियार लिये    

अँधेरे में भटकती पीड़ा क़ि दुनियां में शांत शौम्य का उजियार लिये  

यत्न, प्रयत्न, का कर्म, धर्म, ज्ञान, विज्ञान लिये           


महात्मा कि आत्मा का परमआत्मा तत्व तथ्य विश्वाश लिये                 

तत्पर, तत्क्षण, कल्याण विश्व का संकल्प साध्य साधना साथ लिये 

काया, माया के महात्म के अंत का सात्विक जीवन मार्ग लिये

महावीर, महापरक्रम, के पुरुषार्थ का जन्म जीवन ज्ञान लिये    


कर्म, धर्म, दायित्व बोध का कल्प तरु कल्प सूत्र का शास्त्र लिये              

जनमेजय जन्म, मृत्यु के बंधन से मुक्ति बोध का ईश्वर ब्रह्म ब्रह्मांड लिये                 

सयंम, संकल्प, निति, नियम संयम का जीवन मर्म मूल्य मूल्यवान लिए           

भय भव भंजक, शुभ मंगल भाग्य, भविष्य वर्तमान व्यवहार लिये                

प्राणी प्राण कि निष्ठां भगवान महावीर अंश अहिंसा अवतार लिये।                


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