अगले जनम मोहे शिक्षिका ही बना
अगले जनम मोहे शिक्षिका ही बना
शिक्षक दिवस पर दिल से एक ही बात कहना चाहती हूं
जब भी जन्म लूं शिक्षिका ही बन कर आना चाहती हूं ।
बचपन को भविष्य के ख्वाब सजाना सिखाती हूं ,
अ अनपढ़ से शुरू करके ज्ञ ज्ञानी तक पहुंचाती हूं।
चाक से लेकर कंप्यूटर तक चलाती हूं शिक्षण पर नित नए प्रयोग करती हूं।
दिन रात अपने नन्हे सिपाहियों को आगे बढ़ाने का प्रयास करती हूं ,
अच्छे बुरे का ज्ञान कराने के लिए उचित निर्देशन देने का कार्य भी करती हूं।
जब मनोबल इनका गिरता है तो प्रेरक भी बन जाती हूं इनकी हर गलती पर क्षमा का भाव भी रखती हूं ,कभी-कभी गुस्सा भी करती हूं इनका भविष्य को जो सवारना चाहती हूं।
प्रभु से इतनी ही प्रार्थना है कि अगले जन्म में भी मैं शिक्षिका के रूप में ही जन्म लेना चाहती हूं I
