STORYMIRROR

शायर देव मेहरानियां

Romance

4  

शायर देव मेहरानियां

Romance

अब याद ना आये तेरी

अब याद ना आये तेरी

1 min
249

इक यही दुआ है मेरी  

अब याद ना आये तेरी

छोड़ के मुझको जाओगी

बैठे बैठे अश्क बहाओगी


दिल को कैसे समझाओगी

 ये एक सुने ना तेरी

 इक यही दुआ ह मेरी

सोने को तो सो जाओगी


ख्वाबों में मुझको पाओगी 

बिन मेरे क्या रह पाओगी

 कैसे रात कटेगी तेरी

 इक यही दुआ है मेरी

याद मेरी जबजब आयेगी

तन्हाई जो तड़फायेगी

आँखों,में आंसू लायेगी

मिलने में लगेगी देरी

 इक यही दुआ है मेरी


ना कोई गिला ,शिकयता ना उनसे  

अब क्या बात करें हम उनसे 

किस्मत मेरी ही रूठी मुझसे 

चाहत, क्यों करी थी तेरी

इक यही दुआ है मेरी

अब याद ना आये तेरी।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance