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manoj mandha

Inspirational


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manoj mandha

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आज़ादी

आज़ादी

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लहू कितना बहा कर , इस के मुल्क को आज़ादी मिली 

जिनका सब कुछ लूट गया वतन पे , उनको क्या उपाधि मिली !

ना नाम मिला ना शोहरत मिली ,बस गद्दारो की गाली मिली !

कुछ भूखे भ्रष्ठ नेताओ को , सियासत की आज़ादी मिली !

गुलाम क़लम से लिखा गया ,थोड़ा सा शहीदो का इतिहास!

भूखे बेज़मीरो नेताओं से क्या , शहीदो के सम्मान की आस!

आज हिन्द के हर वासी को , अपनी आज़ादी पर धिक्कार है !

अगर आज़ाद भारत में भी अब शहीदो के सम्मान की गुहार है !

वो आज़ाद क़लम से लिख गये अपने सब अश्क़ ए अज़ाब !

एक दिन लोट कर आएगा वतन पर मिटने वालों का सैलाब !

"सना कर खून से इस जिस्म को, वो जवानी दे गए अपनी 

 उल्फ़त अहले वतं से सच्ची है वो हंसते हंसते कुर्बानी दे गए अपनी! "

  


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