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Chandan Kumar

Inspirational

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Chandan Kumar

Inspirational

आज़ ख़ुद को पहचानता हूं

आज़ ख़ुद को पहचानता हूं

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किन नजरों का मैं ताज़ हूं,

किस नज़र में मैं आज़ हूं !


कल का मैं जानता नहीं हूं,

आज़ ख़ुद को पहचानता हूं !


कौन मुझे याद कर लेता हैं,

कौन मुझे अपना बना लेता हैं !


मैं अपनों की ख़ोज नहीं करता हूं,

इसी कोशिश में सबको अपना बना लेता हूं !


मैं आज़ ख़ुद की ग़वाही लिए खड़ा हूं,

ख़ुद से ले मशवरा आगे बढ़ा हूं !


कल को मैं जानता नहीं हूं,

आज़ ख़ुद को पहचानता हूं !


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