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Ayesha Jumani

Tragedy

4.7  

Ayesha Jumani

Tragedy

आवाज

आवाज

1 min
335


क्यूँ इतनी गर्दिशें

क्यूँ इतनी पाबंदियां

ऐसा क्या गुनाह कर दिया

मैंने लड़की बनकर।


ना सांस लेने की अजादी 

ना कुछ कर दिखाने की छूट 

मत दफन करो ख्वाबों को मेरे

मत तोड़ो यूं मेरी उम्मीदें।

 

ऐसे भी ना जिन्दा छोड़ो

कि सांस तो चले

पर अंदर से मर चुकी हो

ऐसा भी क्या गुनाह कर दिया

मैंने लड़की बनकर।


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