आत्म सम्मान
आत्म सम्मान
आत्मसम्मान के साथ कोई भी समझौता न करना
कीमत कोई भी हो चाहे कीमत देने से नहीं डरना
जितना डरोगे और दबोगे उतना ही दबाये जाओगे
डरकर दबकर लोगों से नीचे कभी भी शस्त्र न धरना
जीवन में बदलाव जो चाहो लड़ो डटकर बाधाओं से
शैल को भी छलनी करे जो तुम बनो वो बहता झरना
रक्षा करना स्व सम्मान की सदा आँच न आने देना
आत्मसम्मान के आए जो आड़े पड़े जुर्माना भरना
सबका ही सम्मान करो संस्कारों की भी लाज रखो
तेरे आत्मसम्मान बीच जो आए उसे पड़ जाए मरना
