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अनामिका वैश्य आईना Anamika Vaish Aina

Inspirational Thriller

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अनामिका वैश्य आईना Anamika Vaish Aina

Inspirational Thriller

आत्म सम्मान

आत्म सम्मान

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आत्मसम्मान के साथ कोई भी समझौता न करना

कीमत कोई भी हो चाहे कीमत देने से नहीं डरना


जितना डरोगे और दबोगे उतना ही दबाये जाओगे

डरकर दबकर लोगों से नीचे कभी भी शस्त्र न धरना


जीवन में बदलाव जो चाहो लड़ो डटकर बाधाओं से

शैल को भी छलनी करे जो तुम बनो वो बहता झरना 


रक्षा करना स्व सम्मान की सदा आँच न आने देना

आत्मसम्मान के आए जो आड़े पड़े जुर्माना भरना 


सबका ही सम्मान करो संस्कारों की भी लाज रखो

तेरे आत्मसम्मान बीच जो आए उसे पड़ जाए मरना


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