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Dr Sanjeev Dixit

Abstract

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Dr Sanjeev Dixit

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आसमान पीला है

आसमान पीला है

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सबकी तस्वीर में फलक का रंग फ़क़त नीला है

मेरे ख़्यालों के मुताबिक़ मेरा आसमाँ तो पीला है


ये ज़रूरी नहीं हर तस्वीर में हो रंग की मिलावट

ये दीगर बात की मेरे कूचे का मिज़ाज रंगीला है


बहुत कोशिश की सीधे सीधे चलने की लेकिन

क्या करूँ इन सड़कों का तसव्वुर ही नशीला है


बारिश तो सालो पहले यहाँ बरसी थी “ बेकल”

यादों का झरोखा तो मुद्दतों से यूँ ही गीला है


सबकी तस्वीर में फलक का रंग फ़क़त नीला है

मेरे ख़्यालों के मुताबिक़ मेरा आसमाँ तो पीला है।


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