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आस्क

आस्क

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एक दबा हुआ लफ्ज़ हूं,

मुझे पुकार ले

एक आवारा वजह हूं,

मुझे वजूद दे


एक तड़पती उम्मीद हूं,

कायम कर ले

गम देना है तो दे,

पर कुछ सांसें भी उधार दे


इस शरीर को नष्ट कर दे,

पर इस रूह को तो आजाद कर दे

इन शब्दों मे बस गुमशुदा हूं,

ढूंढ कर मुझे जिंदगी दे

कुछ तो तेरा दिल भी चाहता होगा,

कह कर मुझे भी एक मौका दे...!


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