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Anita Koiri

Abstract Classics

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Anita Koiri

Abstract Classics

आशामय मन

आशामय मन

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आशा मन की है साथी

आशामय मन है विश्वासी।।


आशा मनुष्य को देती जीवन

करती मनुष्य में नव निर्माण का सृजन।।


आशा बिना यह पृथ्वी अधूरी

लोग अधूरे सुंदरता इस जग की अधूरी।।


आशा पर टिका यह संसार

आशामय लोगों से ही चल रहा यह संसार।।

छोड़ देते हैं जो अपने जीवन में आश

उनके जीवन में खिन्नता करने लगती है वास।।


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