STORYMIRROR

Dr. Natasha Kushwaha

Abstract

4  

Dr. Natasha Kushwaha

Abstract

आओ घमंड का परित्याग करे

आओ घमंड का परित्याग करे

1 min
367

आओ घमंड का परित्याग करे

आत्मबल विश्वास धरे

आओ क्लेस का परित्याग करे

मानस पटल में मानवीयता रखे


हर्षित भाव हृदय उल्लास करे

मनशिक्त को स्वच्छ साफ करे

न्यायपूर्ण बात और इंसाफ करे

आओ बैर द्वेष का परित्याग करे


स्नेह प्रेम ममत्व की वर्षात करे

नैतिक मूल्यों का आभास करे

आओ घमंड का परित्याग करे


मैं करूँ, यह केवल मान है, 

मेरे द्वारा हो रहा यह, स्वमान है

केवल मैं ही करूँ, घमंड पहचान है


आओ अहंकार का परित्याग करे

आओ घमंड का परित्याग करे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract