STORYMIRROR

THEKU SAHU

Romance Tragedy Classics

4  

THEKU SAHU

Romance Tragedy Classics

आखिर क्यों

आखिर क्यों

1 min
50

तुम हर पल गलती मेरे उपर ठहराते गए,

कभी समझा ही नहीं मेरी बेबसी को,

कभी सोचा ही नहीं मेरे दिल की बेहाली को,

हर दर्द की वजह मुझे ठहराते गए,


अपने ही धुन में तुम कहीं खोते ही चले गए,

आखिर क्यों इतने आगे चलते चले गए,

कि मुझे भुलने ही लग गए,

हर पल दगेबाज ठहराते गए,

हर पल खुद की नजरों में

गुनहगार साबित करते गए,


अब तो हम बहुत दूर चले आ गए,

इस दिल ने भी तुम्हें अपनाने से

इंकार कर दिया,

तुम्हारी हर बात अनसुनी करने लग गया,

अब मेरी जिंदगी में तुम्हारा

रत्ती भर मोल नहीं रहे गया।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance