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Rekha Shukla

Abstract Drama Action

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Rekha Shukla

Abstract Drama Action

आह

आह

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आखरी मेरी आह हैं, अगर तुम्हैं कुबुल हैं

साया बनके पीछे चला, नजरे झूका गई 


उठी नजर ह्सी आंखे, प्यार समजा गई

कयामत यूँ ढली, कफन ओढे जन्नत सोई।


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