38. नई शुरुआत
38. नई शुरुआत
आओ
नई शुरुआत करते हैं
कुछ अपनी
कुछ तुम्हारी बात करते हैं
आओ
कभी हम और तुमसे ऊपर
दुनिया की बात करते हैं
आओ
नई शुरुआत करते हैं
ठंड में ठिठुरते उस बूढ़े को
कंबल ओढ़ाकर
उसकी सुहानी रात करते हैं
आओ
नई शुरुआत करते हैं
किसी जरूरतमंद बच्चों को
पढ़ाई में मदद करके
ऐसा कुछ करामात करते हैं
आओ
नई शुरुआत करते हैं
उनको भी समझाइश देकर
एकता का पाठ पढ़ाते हैं
जो हमेशा जात-पात करते हैं
आओ
नई शुरुआत करते हैं
आओ सबक सिखाएँ
उनको भी
जो पीठ पीछे घात करते हैं
आओ
नई शुरुआत करते हैं
नया वर्ष है
नई उम्मीदें है
नए जोश उमंग से बीते
अब ऐसा दिन
पूरे सात करते हैं
आओ
नई शुरुआत करते हैं !
