STORYMIRROR

Karishma Warsi

Abstract

3  

Karishma Warsi

Abstract

2022

2022

1 min
203

ऐ वक़्त!

तू अब के बरस कुछ यूं मेरी

ज़िंदगी से गुज़र जाना नहीं।

पानी से भरे बिना पिए प्याले..

की तरह बस रह जाना नहीं।

अब के बरस सैलाब लिए...

कुछ यूं तुझे सहरा में आना है।

जैसे करिश्मा को किसी......

प्यासे की प्यास बुझाना है।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract