Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
उपकार
उपकार
★★★★★

© Purva Kulkarni

Inspirational

1 Minutes   6.0K    13


Content Ranking

एक बड़ा शहर था। उस शहर का नाम बेलापूर था।

उस गाँव मे एक भोजनालय था। एक महिला यह भोजनालय चलाती थी। चूँकि भोजनालय उस महिला का था पर भोजनालय जिस जगह पर था वह जगह उसकी नहीं थी। उसने वह जगह किराए पर ली थी। उसका भोजनालय एक कॉलेज के पास होने के कारण वह अच्छे से चलता था पर कॉलेज को दो महीने छुट्टी होने के कारण उसका भोजनालय अच्छे से नहीं चल पा रहा था।

इस वजह से उसके रेंट देने के पैसे पूरे नहीं हो सके और उस जगह का मालिक उसे जगह खाली कर दे देने को बोलने लगा। वह महिला रो-रो कर कह रही थी कि मैं दो दिनों में सारे पैसे दे दूंगी।

तब भी मालिक नहीं ने उसकी एक नहीं सुनी। उसी वक्त एक अफसर ने आकर उसका सारा किराया चुका दिया। उस महिला के पाँव छूए। उस महिला ने इसकी वजह पूछी तो वह कहने लगा,

"मैं तो सिर्फ यह ऋण उतारने का प्रयास कर रहा हूँ। जब मैं कॉलेज में पढ़ता था तब आप ही मुझे मुफ्त में खाना खिलाया करती थी।"

वह महिला भावविभोर हो गई।

भोजनालय किराया मालिक

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..