STORYMIRROR

Kanchan Prabha

Abstract

3  

Kanchan Prabha

Abstract

रंग बरसे

रंग बरसे

1 min
366

सब दौड़े भागे पकड़े

होली खेलन को तैयार


होली मे बरसे रंग

बरसे रंगों की बौछार


प्रीत हमारी रंग लाई है

धीमी धीमी बहे ब्यार


चाँद चकोरी रास में डुबे

ऊँचे पर्वत करे पुकार


सुन्दर सुरीले गीत सुनाते

जोड़े सुर लय के हर तार


तेरा मेरा प्रेम सुहाना

भीगे तेरा मेरा प्यार।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract