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Sunil Maheshwari

Abstract

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Sunil Maheshwari

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लागी लगन - "एक बुरी लत"

लागी लगन - "एक बुरी लत"

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हां मैं छोडना चाहता हूं,

एक ही बुरी आदत यारो,

जिससे रहता मैं बहुत परेशान,

हर वक्त जिसका रहता मुझे खुमार,

हां उसी का नाम है लागी "लगन"


लगती है मुझे लगन बार-बार,

जिसका चढता हर बार बुखार

यूं तो एक छोटा सा शब्द है,

लेकिन जब लग जाती है मुझे,

मेरा जीवन बदल जाती है।


कहते है ना यारो,

कि हो अगर लगन दिल में तो,

दुनिया बदल देती है, 

है अगर लगन दिल से तो, 

राहें खुद-ब-खुद बन जाती है।

और नहीं यदि लगन दिल में,

तो राहें दुश्वार हो जाती है।


लग जाये अगर ये पैरों में, 

तो मंज़िल मिला ही जाती है।

हां यही है जिसका रहता मुझे खुमार,

जिससे रहता मैं बहुत परेशान।

सिर्फ यही है बुरी आदत मेरी।


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