तेरी मेरी लव स्टोरीश
तेरी मेरी लव स्टोरीश
इश्क़ है या कुछ और ये पता नहीं, पर जो तुमसे है किसी और से नहीं !
मैं कैसे कहूँ की उसका साथ कैसा है, वो एक शख्स पूरी कायनात जैसा है !
तेरा होना ही मेरे लिये खास है, तू दूर ही सही मगर मेरे दिल के पास है !
मुझे तेरा साथ ज़िन्दगी भर नहीं चाहिये, बल्कि जब तक तू साथ है तबतक ज़िन्दगी चाहिए !
तुझसे मोहब्बत कुछ अलग सी है मेरी, तुझे खयालों में नहीं दुआओं में याद करते है !
हाय फ्रेंड्स.!!! यहां आपको कुछ स्मॉल लव स्टोरीज पढ़ने मिलेगी..!!
१. टपोरीवाला प्यार
इश्क़ है या कुछ और ये पता नहीं, पर जो तुम से है किसी और से नहीं ! तो आज की प्यारी लव स्टोरी शुरू करते है।
मुंबई के एक आलिशान अपार्टमेंट के पीछे कुछ दूरी पर एक बस्ती थी जहाँ कुछ लोग रहा करते थे।
एक दिन एक लड़की जिसने रेड कलर की शार्ट ड्रेस पहनी थी वो ख़डी हो के कार का वेट कर रही थी.. वही दूसरी तरफ कुछ लड़के क्रिकेट खेल रहे थे.. अचानक एक लड़के ने बोल को जोर से मारा और वो बोल सीधा उस लड़की के सर पर लगी..!!वो लड़की गिर गई..!!
लड़का :- आइला भाई तूने क्या किया देख किसीको लग गयीली है.!!
वो लड़का बेट छोड़ उस लड़की के पास आता है की वो लड़की उठ के उस पे गुस्सा करते हुए, "you bloody fool.!!ये बोल तुमने मारा न मुझे.!!"
लड़का अपना सर खुजाते हुए, "देखो.. मैडम.. अपुन की गलती नहीं है वो बस जरा सा बेटा ज्यादा घुमा डाला देख तेरे को लगी इसलिए अपुन बोलेतो.. क्या.. हा सूरी बोलता है तेरे को.!!"
लड़की उसको उँगली दिखा, "एक तो मुझे बोल मारते ऊपर से स्मार्ट बनने की कोशिश कर रहे हो.. मैं अच्छे से जानती हूँ तुम जैसे टपोरी को.. आइंदा यहां दिखे भी ना तो देख लेना.!"वो लड़की वहाँ बोली जा रही थी पर वो लड़का उसे ही देखे जा रहा था. काजल भरी आँखें, गहरी घनी पलकें, ब्राउन आँखें, सुन्दर गोरा चेहरा, पतले गुलाबी होंठ.. ऊपर से उसके उड़ते हुए बाल.. यहां लड़की के चिल्लाने से अच्छी खासी भीड़ जमा हो गई थी। उनमें से एक आदमी, "अरे क्यों परेशान कर रहे हो मैडम को.!!"
वो लड़का उसे घूर के, "अरे, औ अंकल तेरा मामला है क्या, नहीं ना, तो ज्यादा मच मच नहीं निकल यहां से.!!"वो आदमी चला जाता है.. और उसके घूर के देखने से सारी भीड़ लगभग चली जाती है।
वो लड़का फिर से मुस्कुरा के,'बोला ना मैडम. सूरी..!!'
वो लड़की पैर पटक के, "सूरी नहीं सोरी होता है यू इडियट.!"वो बोल उसके हाथ में जोर से पटक चली जाती है। वो लड़का वापस अपने सर में हाथ घुमा के खेलने चला जाता है।
दूसरे लड़के उससे बात करते है.!!"भाई क्या बोल रहेली थी.!!"
लड़का :- बताओ भाई ज्यादा भंक्स कि ना तो उसको तो.!!
लड़का गुस्से से :- एय.. खबरदार साला अगर मैडम को कुछ बुरा बोला तो भी.. साला एक तो अपुन की वज़ह से ही उसको लग गई.. वो गुस्सा भी ना करें..!!
लड़का :- बोले तो भाई तुझे हुआ क्या है.. अरे तू भाई है इस एरिया का... गणेश भाई.. जिसके सामने किसी की चू नहीं निकलती.!
गणेश :- अरे भक ना राजू.!! साला मूड खराब हो गया..!!चल एक कटिंग मंगवा.!!
राजू मुँह बानाता है की दूसरा लड़का :- छोड़ ना राजू भाई ने बोला ना तो ज्यादा काई बोल रेहला है.!!छोड़.!!
राजू :- सही बोल रहा है तू मंगेश.!! चल कटिंग मंगवा.!! तीनों चाय पीने लगते है यहां गणेश के दिमाग़ में वही लड़की घूम रही थी। कुछ दिनों बाद वो लड़की अपने दोस्तों के साथ पिक्चर देखने गई थी. आते वक़्त रात हो गई थी.. वो वापस आ रही थी की उसके पीछे कुछ गुंडे पड़ जाते है जो अपनी बाईक से उसकी स्कूटी को फॉलो करते है. कुछ दूर वो चारों उसको घेर लेते है.!
लड़की :- देखो हटो मेरे रास्ते से!वरना.!!
गुंडा :- बरना क्या मेडम.. हम तो तुम्हारी हेल्प कर रहे है.. इतनी रात को तुम्हे कम्पनी देते है ना.!!
लड़की गुस्से से, "तुम्हारे घर में माँ बहन नहीं है क्या..?? हटो कहा ना.!!"
गुंडा गुस्से से अपनी बाइक से उत्तर के, "साली रुक तुझे बताता हूँ मेरे घर में माँ बहन है या नहीं.!!"वो जैसे ही आगे बढ़ता है लड़की उसके पैर में जोर से मार अपनी स्कूटी स्पीड में चालू कर भगा देती है। वो लड़के उसका पीछा करते है कुछ दूरी पर वो लड़की स्कूटी रख एक बस्ती के रास्ते पर भागने लगती है..!!गुंडे, "यही कहीं होगी साली.. ढूंढ उसे.!!" तभी एक जो उसे देख जाता है," वो रही.!!" सब उसके पीछे भागते है। वो भागते भागते किसी से टकरा जाती है.. सामने वाला उसे अपनी बांहों में थाम लेता है.. वो लड़की पूरी पसीने से भीगे हुई थी उसकी दिल की धड़कन साफ सुनाई दे रही थी।
तभी वो गुंडे वहाँ आते है जो उस लड़के को देख,"आइला गणेश भाई.. भाग.. यहां से भाग.!!" वो लड़के उलटे पैर वहाँ से भाग जाते है।
गणेश उस लड़की को देख मुस्कुरा के, "ओह मैडम.. आंखें खोलो बोले तो गए वो लोग.!!"
लड़की आंखें खोल देखती है तो उसकी आंखें उस लड़के की काली गहरी आँखों से टकरा जाती है.. गणेश उसे सही से खड़ा कर, "बोले तो टेंशन नको लो मैडम वो लोग गए.!!"
लड़की :- अगर फिर से आ गए तो.??
गणेश :- चल अपुन आपको घर तक छोड़ आता है.!! वो लड़की साथ उसकी स्कूटी तक आता है वहा से एक बाइक निकाल उसपे बैठ जाता है.., "बोले तो आप अपनी स्कूटी अपने बाइक के पिचू ले आऔ.!!" वो लड़की हा करती है और गणेश उसे घर तक छोड़ आता है।
अगली सुबह गणेश उसके पंतर के साथ चाय पी रहा था. की राजू :- बोले तो भाई अपुनने उन पपु को सबक सीखा डाला.!!
गणेश :- अच्छा किया.. और वो बस्ती के पानी के लोचे का क्या हुआ.. खत्म किया तो नहीं.!! गणेश बोल रहा था की वहा वो लड़की आती है जिसे देख राजू और मंगेश चुप हो जाते है.. वो आँखों से इशारा करते है.. गणेश, "क्या हुआ.. बोल.!!"
राजू :- वो भाई.. बोले तो तेरे पिचू.!!
गणेश पलट के, "क्या है..!!वो लड़की को देख. अरे मेडम तुम.?"
लड़की :- हाय.!वो में तुमसे थैंक कहने के लिए आई थी.. तुमने मेरी मदद की ना उसलिए .!!
गणेश :- अरे कोई बात नहीं मैडम.!!
लड़की उसकी तरफ हाथ बढ़ा के, "हाय, आई एम वान्या.!!वान्या मेहरा.!थैंक्स for हेल्पिंग मी.!
गणेश उसके हाथ को देख रहा था. मंगेश धीरे से फुसफुसाते हुए, "हाई ला इंग्लिश और भाई .!"राजू उसे कोहनी मार के घूरता है और गणेश को कान में बोलता है, "भाई हाय तो करो.!!"
गणेश अपना हाथ साफ कर उससे मिलाते हुए, "हाय.. फाइन फाइन.. थैंक यु.!!"
वान्या हैरानी से उसे देखती है की राजू अपना सर पिट के :- भाई ने सारी इंग्लिश आज ही बोल डाली.!!
वान्या :- अहं नहीं..मेने तुमसे कहा की मेरा नाम वान्या है और शुक्रिया मेरी मदद के लिए.!!
गणेश :- ओह अइसा बोला.!! वो अपने सर में हाथ घुमाते हुए कहता है..!!वान्या उसे देखती है. सांवला पर अच्छा उभरता हुआ रंग.. अच्छा खासा चेहरा.. काली गहरी आंखे.. उसपे दिलकश बिखरे हुए बाल जिसके आगे रूमाल की पट्टी बाँध रखी थी.. चेक्स शर्ट एक तरफ इंशर्ट दूसरा छोर निकला हुआ.. जींस के साथ. एक हाथ में भी रुमाल बंधा हुआ.!! वो उसे देख, "अच्छा तुम मेरे साथ कॉफी पिने चलोगे.?"
गणेश पहले हैरान होता है फिर, "बोले तो अपुन को ये कॉफी बिफी जमता नहीं.. अपुन के लिए तो अपनी यहीच कटिंग अच्छी है मैडम.!!"
वान्या मुस्कुरा के, "कोई बात नहीं में तुम्हारे साथ कटिंग पी लेती हूँ .!!!"
राजू सिटी मार के, "ये हुई ना बात... अरे पकिया बोले तो अच्छी वाली कटिंग ला मेडम के लिए.!!"वो खुर्शी साफ कर,"अरे मैडम बैठो ना.!!"वान्या बैठ जाती है.. और गणेश भी बैठता है.. दोनों चाय पीते है..!!
कुछ दिनों में वान्या की गणेश और बाकि सबके साथ अच्छी खासि दोस्ती हो जाती है.. वो अक्सर उनसे मिला करती थी.. गणेश को जानना उसे अच्छा लगता था.. वही गणेश को भी वान्या के साथ अच्छा लगता था। एक दिन वान्या कार लेके आती है.!और बाहर निकलके.!!
राजू :- अरे मैडम बोले कही जा रही है आप.?
वान्या :- हाँ पर मैं नहीं हम. हम जा रहे है शॉपिंग के लिए.!
गणेश :- अरे मैडम.. कैसा शॉपिंग और काई के लिए करने का..!
वान्या :- इसलिए क्युकी तुम कल से कॉलेज जा रहे हो.!!मेरे साथ.. मैंने पापा से बात की है.. उन्होंने अपने दोस्त यानी की प्रिंसिपल सर से बात कर ली.. अब ये भटकना बंद कुछ पढ़ लोगे तो तुम्हारे काम आएगा.!!"
राजू :- बोले तो मैडम अपुन के दिमाग़ में ये पढ़ाई / वधाई कहा गुसेगी.!!
वान्या गणेश का हाथ पकड़ :- बोला ना चलो.!!
वो जबरदस्ती उन्हें ले जाती है वहा मंगेश और राजू घूम के सारा मोल देख रहे थे.. राजू :- बोले तो भाई साला यही चीज मोल है क्या.??
गणेश :- चुप बे.. ये अमीरो के चोचले साले.!!
वान्या उसे एक शॉप पर ले जाती है.. वो उसे कुछ कपड़े ट्राय करवाती है जिसे देख राजू और मंगेश अपनी कॉमेंट्री दे रहे थे की वान्या चीड़ के, "चुप... ऊँगली रखो अपने मुँह पर.!!"दोनों अपने मुँह पर ऊँगली रख देते है की वान्या दूसरे कपड़े गणेश को ट्राय करने को कहती है.. इस बार ज़ब गणेश आता है तो राजू और मंगेश के साथ वान्या भी उसे देखने लगती है..
राजू :- बोले तो भाई क्या लग रहेला है.!!
मंगेश :- हाँ एकदम रापचिक.!!
वान्या मुस्कुराते हुए :- हम्म बहुत अच्छे लग रहे हो.!!
गणेश अपने सर में हाथ घुमाते हुए ,"क्या मैडम.?"
वान्या उसे ले के बाहर निकल जाती है.. वो उसे कोलेज ले के जाती है जहाँ उसे प्रिंसिपल से मिलवती है.! और प्रिंसिपल उसे कॉलेज में एडमिशन दे देते है। अगले दिन से वान्या के साथ गणेश कॉलेज जाने लगता है,, उसके लुक को देख उससे इम्प्रेस हो रहे थे. वान्या के पास उसकी दोस्त मिलने आती है.
लड़की :- हाय, वान्या वू इस थिस गाई.?
वान्या उसे मिलवाते हुए :- he is ganesh.!! और गणेश ये है मोनिका और काया.!!
गणेश :- बोले तो हाय मेडम लोग आज अपुन का पहला दिन है..!!
मोनिका :- हाय.. वो वान्या से हम तुजे बाद में मिलते वो दोनों चली जाती है।वान्या अपने कंधे उचका देती है पर गणेश को कुछ अजीब लगता है पर वो कुछ केहता नहीं..ऐसे ही कुछ दिन बित जाते है। इस बीच वान्या गणेश को बहुत हेल्प करती है उसे हर चीज की कोंन्फूजन दूर करती है। एक दिन वान्या और उसकी दोस्त बाते कर रही थी..मोनिका :-यार वानी, he is so cheap..!
काया :- and.. वो क्या लेंग्वेज यूज़ करता है, एक दम रोड साइड रोमियो की तरह.!!
वान्या को उनकी बाते अच्छी नहीं लगती वो उन्हें डाँटके, "स्टॉप इट गाइस.!!किसीको ऐसे जज नहीं करते..he is nice person.!"
मोनिका :- fine so be with him.!!
वो दोनों चली जाती है, यहां गणेश वहा आता है जो उनकी बाते सुन लेता है। वान्या जो निचे आती है वो गणेश को देख, "छोड़ो उन्हें वो ऐसी ही है. डोंट माइंड.!!वो भी मुस्कुराते हुए उसके साथ चल देता है। तभी वो दोनों कॉलेज के प्लेग्राउंड की और आ जाते है जहाँ क्रिकेट प्ले हो रहा था.. गणेश रुक के,"बोले तो. सूरी मेडम अपुन के वजह से तेरे दोस्त लोग तेरे को गलत बोल रहे थे.!!"
वान्या वही रुक के उसकी तरफ पलट के, "नहीं गणेश.. ऐसा कुछ नहीं है .!"
दोनों बाते कर रहे थे की एक बोल तेजी से वान्या की तरफ आती है.. गणेश उसे हटा के फुर्ती से बोल कैच कर लेता है.. जिसे देख वहा के कोच आते है जो उसे देख, "वाह ... इतना मुश्किल कैच कैसे पकड़ा तुमने.!!"
गणेश :- बस थोड़ी बहुत प्रेक्टिस है.!!
कोच :- मतलब तुम क्रिकेट खेलते हो.?
वान्या :- जी सर.!!ये बहुत अच्छा खेलता है।कोच उसे अपने साथ ले जाता है...!!
वो रात को अपने घर की छत पर बैठे हुए सोच रहा था की.. राजू उसकी कितबा उलट पलट कर :- भाई साला क्या समझ आता है इसमें तुम को.!!
मंगेश :- रहने दे अपने बस का नहीं है.!
गणेश उठ के, "साला मैडम अपने लिए कितना करती.. अपुन की वजह से आज उसको निचा देखना पड़ा. अपुन ने सोच लिया है। अपुन भी काबिल बनेगा ताकि मेडम को शर्म ना आये अपुन को अपना दोस्त कहने को.!"
अगले दिन से गणेश अच्छी तरह पढ़ने लगा और कॉलेज की क्रिकेट टीम में भी शामिल हो गया..!!कड़ी मेहनत से वो बहुत ज्यादा पॉपुलर हो गया था.. कॉलेज के हर कोने में उसके क्रिकेट की बाते होने लगी थी। वही वो वान्या को वो वक़्त नहीं दे पा रहा था.!!बहुत कम मिलता था उससे वो.!! कुछ चार महीने बीत गए थे।
एक दिन केंटीन में वान्या बैठी थी की उसके पास के टेबल पे कुछ लड़कियां बाते कर रही थी।
लड़की :- यार ये गणेश कितना हेंडसम है ना.!!
दूसरी लड़की :-हा, एंड उसका वो सर पर रुमाल बाँधने का स्टाइल उफ़.!!
लड़की :- देख मैंने उसे रिक्वेस्ट किया था फेसबुक पे कल उसे बाहर जाने के लिए बोला और देख उसने हा किया है.!!
वान्या को ये सुन बहुत ज्यादा गुस्सा आता है वो खड़ी हो के तुरंत गणेश के पास निकल जाती है जो प्रेक्टिस कर रहा था..!!वान्या को देख वो उसके पास आ जाता है।
गणेश :- हाय मैडम आप इधर.??
वान्या :- वो में सोच रही थी क्यों ना कल हम कही घूमने जाये..!
गणेश मन में :- अरे बोले तो परसो तो नेशनल लेवल के कुछ सेलेक्टर आ रहेले अपुन को पूरी तरह से प्रेक्टिस करनी है.!!
वान्या :-कहा खो गए.??
गणेश :- नहीं वो अपुन क्या कह रहा था की अपुन को कल कुछ काम है.. पर हा अगले संडे जरुर चलेंगे.!!
वान्या उसपे गुस्सा जो जाती है, "हा हा अब तुम्हें मेरी क्यों पड़ी होंगी. तुम्हें अपने फेन्स के साथ जो जाना होगा.. जाओ.!!हुंह..!!और वहाँ से चली जाती है। गणेश कुछ समझ नहीं पाता है। दो दिन पूरी तरह वो प्रेक्टिस करता है वही कोच :- वेळ डन.!!कल तैयार रहना वक़्त रहते.. टीम आ रही है अगर तुम सेलेक्ट हो गए ना गनेश तो तुम्हारी लाइफ बन जाएगी.!!
गणेश हा करके वहा से निकल जाता है वो काफ़ी देर तक वान्या को ढूंढ रहा था.. पर आज उसे वान्या मिली ही नहीं.!!वो घर जाके राजू और मंगेश से बात कर रहा था।
राजू :- अरे भाई बोले तो तू भी ना चमपी है.!!बोले तो मैडम नाराज़ है तुजसे और तू यहां बैठेला है जाना उन्हें मना.!!
गणेश :- नहीं रे इतनी रात को अच्छा नहीं लगता अपुन कल बात करेगा उससे.!!
गणेश ने बोल तो दिया था पर वो खुद बहुत बेचैन था यहां वान्या का रो के बुरा हाल था.. वो रोते हुए, "पागल कही का.. मुझे मनाने नहीं आया क्यों आएगा अब तो फेमस हो गया है ना.!!"
दूसरे दिन सुबह से गणेश वान्या को ढूंढ़ रहा था.. वही एक लड़का, "अरे गणेश चल ना कोच बुला रहे है !!"
गणेश, "तू चल ना अपुन आता है..!"वो वान्या को ढूंढ रहा था.. यहां वान्या एक क्लास में बैठी रो रही थी।
यहां गणेश सब भूल के सिर्फ उसे ही ढूंढ रहा था.. वो सब चेक करते करते उस क्लास में आ जाता है वो वान्या को देख हाफ्ते हुए,"मैडम तुम इधर है.. तुझको मालूम है अपुन तेरे को पूरी कॉलेज में छान मारा.!!"
वान्या दूसरी तरफ खड़े ड हो के, "क्यों.. जाओ ना अपने फेन्स के पास जाओ.!!"
गणेश उसको अपनी तरफ कर दो कदम पीछे हो जाता है क्युकी वान्या का चेहरा पूरी तरफ से आंसू से भीगा हुआ था।
गणेश :- बोले तो तू रो काई को रहेली है मैडम किसी ने कुछ बोला तेरे को.. बोल ना.!!
वान्या उसे धक्का दे :- तुम्हारी वजह से यु इडियट.. मुझे पता है की तुम उस लड़की के साथ डेट पर गए थे.. मुझे नहीं अच्छा लगा.!!
गणेश :- क्या डेट.. क्या बोल रही है.?
वान्या :- ज्यादा बनो मत.!! मुझे पता है अब तो तुम फेमस हो गए हो ना अब तुम्हें मेरी क्या जरूरत.??
गणेश उसे बाहो से पकड़ :- शशष..!! किसने बोला की तू मेरे लिए जरूरी नहीं. अरे ये सब अपुन तेरे वास्ते कर रहा है.!!वो उसे छोड़ के, "तेरे को याद है उस दिन तेरी दोस्त लोग तेरे को अपुन की वजह स गलत बोल रहे थे.. तब अपुन को लगा की अपुन अच्छा बनेगा.. ताकि कोई तेरे को अपुन की वजह से नीचा न दिखाएंगे.!!और क्या बोली तू.. तेरी क्या जरूरत.??
अरे अपुन जैसे टपोरी का सब तू ही तो है.!!साला एडा अपुन तो टाइम वेस्ट कर रहा था.. कहा से तू आ गई अपुन की लाइफ में साला सारी लाइफ पलट दी जैसे कोई चमत्कार हो..!!पर कहते है ना.. गन्दी नाली का लोग गन्दा ही रहता ठीक वैसे ही अपुन भी निकला साला.. तभी तो आज अपुन जैसे लोफर की वजह से तू रो रही है..!!अपुन तेरी ख़ुशी का कारण बनना चाहता था.. पर नहीं आपुन तो तेरे आंसू की वजह बन गया.!!
वो वान्या की आँखों से आंसू पोछ के अपने दोनों गाल उसके चेहरे पर रख प्यार से,"तू बहुत अनमोल है रे..!!अपुन जैसे के लिए तेरे ये कीमती मोती मत बहा.!!सूरी.. अरे नहीं. बोले तो sorry अपुन जा रहा है यहां से. बस तू ख़ुश रह. हम्म..!!अपुन का क्या.. अपुन वही अपनी एड़ी दुनिया में खुश है.!!बस तू रो मत.!!"
गणेश वहा से जाता है की वान्या खुद ही सोचते हुए, "में भी पागल हु.. गणेश तो ऐसा है ही नहीं.. मुझे इतनी बड़ी गलतफ़हमी हो गई.. और बुरा लगा. क्युकी.. क्युकी आई लव हिम..!!यस आई लव हीम.!!"वो भाग के गणेश के पीछे जाती है.. गणेश यहां बाहर निकल चूका था.. तभी वान्या उसे आवाज देती है, "गणेश....!!!"
गणेश के कदम रुक जाते है। वो पीछे मूड के देखता है तो वान्या भाग के आती है उसके गले लग जाती है..!"i love you stupid.!!में प्यार करती हु तुमसे.!!"ये सुनते ही गणेश को भी एक सुकून मिल जाता है उसके दिल की तङप मिट जाती है.. वो उसे कसके अपनी बाहो में भर लेता है।
वान्या उससे दूर होके, "जल्दी चलो तुम्हारी मैच है ना.!!"वो दोनों भाग के ग्राउंड पहुंचते है जहाँ कोच गणेश को देख,"कहा चले गए थे अगर कुछ देर और हो जाती तो अब जल्दी करो.!!"वो उसे खेलने को कहते है. गणेश जाने लगता है की वान्या उसके सर पर किस कर,"all the best जीतकर आना.!!"गणेश उसके हाथ को चुम के,"अपुन की मेडम का प्यार जो है जितना तो बनता है ना !"वो चला जाता है.. यहां सारी लड़कियाँ गणेश को चीयरस कर रही थी..!!वो मैच जीत जाता है.. यहां की सेलेक्ट भी हो जाता है..!!सारी लड़कियाँ उसे घेर लेती है.. पर गणेश का ध्यान वान्या की तरफ था।
वो वहा से बच के वान्या के पास आ जाता है जो की सीढ़ियों पर बैठी थी।उसके बाजु में आके बैठ जाता है.!वान्या :- तो तुम जीत गए.!!
गणेश उसके हाथ को थाम.:- अपुन तो तेरी वजह से जीता है मैडम..!!तू है हीच अपना लकी चार्म.!!
वान्या उसके कंधे पर सर रख,"अच्छा तो आई लव यु बोलो.!!"
गणेश सर खुजला के, "बोले तो. बोलना पड़ेगा क्या तू समझ जाना.!!"
वान्या उसे घूर :- हा बोलना हीच पड़ेगा.. और अपुन का नाम लेके बोलेगा तू समझा.!!
गणेश हस के, "आइला.. मैडम तू टपोरी भाषा कैसे शिख गई.!!वैसे बहुत प्यारी लग रेहली है तेरे मुँह से.!!"
वान्या उसके कोलर को पकड़ :- बोलो ना.!!
गणेश :- वो.. अपुन.. वो. तेरे से..!!अच्छा ठीक है वो लम्बी सास छोड़ के, "अपुन तेरे से लव करता है समझी मैडम.!"
वान्या उसके गले लगते हुए, "वान्या..!नो मैडम.!!"गणेश उसे अपनी बाहो में थाम के,"रहने दे अपुन के लिए तू मेडम ही रहेगी आखि जिंदगी..!!"वान्या मुस्कुरा देती है।
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