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हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Comedy Romance Fantasy

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हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Comedy Romance Fantasy

सीमा भाभी

सीमा भाभी

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आज सुबह जैसे ही हम मॉर्निंग वॉक के लिए जाने वाले थे तो श्रीमती जी हमें तैयार देखकर मुस्कुराईं । जब जब भी श्रीमती जी मुझे देखकर मुस्कुराती हैं तब तब कुछ न कुछ गड़बड़ झाला होता है । आज तक का इतिहास है कि श्रीमती जी हमें देखकर प्यार से सिर्फ एक बार ही मुस्कुराई थीं । मालूम है आपको कि यह चमत्कार कब हुआ था ? अरे, आपको कैसे पता चलेगा, आपकी श्रीमती जी तो आपको देखकर एक बार भी नहीं मुस्कुराई । चलो, हम ही बता देते हैं कि हमारी श्रीमती जी हमें देखकर कब मुस्कुराई थीं । 

बात तब की है जब हम कुंआरे थे और हमारी शादी के लिए रोज दिन में पांच संबंध आ रहे थे । श्रीमती जी का भी प्रस्ताव आया था । तब तक प्रोपोजल फोटो तैयार करने का रिवाज नहीं था मगर हमारी श्रीमती जी के घरवाले बहुत "होशियार चंद" थे , वे न जाने कहां से उनका प्रपोजल वाला फोटो तैयार करवा लाये । उस फोटो को देखकर हम तो उन पर "लट्टू " हो गये थे और अपनी मम्मी से जिद कर बैठे जैसे बचपन में करते थे "मैया, चांद खिलौना लूंगा" । उसी तर्ज पर "ठिनकने" लगे 

"मम्मी, क्या खूब लड़की की फोटो दिखलाई, 

मैंने भी ठान लिया है , करूंगा इसी से सगाई 

या तो राजी राजी करवा दे नहीं तो भाग जाऊंगा 

"कोर्ट मैरिज" करके इसे मैं तेरी बहू बनाऊंगा  

जो दहेज अभी मिलने वाला है वो भी नहीं मिलेगा 

दो दो बहनों की शादी का बंदोबस्त मेरा बाप कैसे करेगा 

मम्मी बुद्धिमान थी , बात समझ कर हां कर दी 

उसी दिन से हमने अपने पैरों पे कुल्हाड़ी धर दी ।। 


जिस दिन श्रीमती जी को देखने गये थे , बस उसी दिन ये बड़े प्यार से हंसी थीं । उस हंसी ने वो जादू चलाया कि उसी में ही मेरे दिल की गाड़ी फंसी थी । बस, उस दिन के बाद से आज तक ये कभी प्यार से नहीं हंसी थी । जब भी हंसी तो वह व्यंग्य भरी हंसी ही हंसी थीं । 


आज उनको पुन: हंसते हुए देखकर हमारा माथा क्या सब कुछ ठनक गया । सुबह सुबह ही हमारा मूड थोड़ा सा तुनक गया । हमने कहा , क्या बात है , आज तो बड़ी मुस्कुरा रही हो । नीली साड़ी में स्वर्ग से उतरी हुई कोई अप्सरा नजर आ रही हो । वो बोली , कितना भी मस्का लगा लो, दाल गलने वाली नहीं है । आज आपकी छमिया भाभी का मूड खराब है, वह आपके साथ चलने वाली नहीं है । 


"प्रथम ग्रासे मक्षिका पाते" वाली कहावत चरितार्थ हो गई यहां तो । हमारा सारा मूड खराब हो गया । सुबह-सुबह छमिया भाभी के साथ में मॉर्निंग वॉक करने में कितना मजा आता है ! उनके बिना क्या मॉर्निंग वॉक करेंगे ? सारा मजा किरकिरा हो गया था । हमारी सूरत देखकर श्रीमती जी को बड़ा आनंद हो रहा था । उन्हें खिलखिलाते देखकर हमारा पारा और चढ़ गया । बेचारा बी पी कुलांचें भरता हुआ 25-30 पॉइन्ट ऊपर चढ़ गया । हमने भी ठान लिया कि छमिया भाभी को साथ ले लेंगे । श्रीमती जी को हम भी अपनी कलाकारी का सबूत दिखाकर रहेंगे । 


हम सीधे छमिया भाभी के घर पहुंच गये । डोरबैल बजाई तो भुक्खड़ सिंह जी ने द्वार खोला । भुक्खड़ सिंह जी छमिया भाभी के इकलौते पतिदेव हैं । वे सुबह सुबह अपनी दांतों की वर्जिश कर रहे थे , यानि कि चार पराठों वाला नाश्ता कर रहे थे । हमने छमिया भाभी से आग्रह किया मॉर्निंग वॉक का । उन्होंने हमें अखबार पकड़ा दिया आज का । हम कुछ समझे नहीं इसलिए हक्के बक्के से देखते रहे । छमिया भाभी के सौन्दर्य से विटामिन ए खेंचते रहे । 


छमिया भाभी बहुत नाराज लग रही थीं । हमने पूछा "क्या बात है भाभी, आज आप बहुत नाराज लग रही हैं ? आज भुक्खड़ सिंह जी ने नाश्ते में बनाये परांठों में मिर्च कुछ ज्यादा डाल दी है क्या ? या हमारे पड़ोसी रसिक लाल जी ने फिर से कोई नई "फब्ती" कस दी है क्या ? 


छमिया भाभी बड़े गुस्से से बोलीं "अरे नहीं भाईसाहब, जैसा आप सोच रहे हैं वैसी कोई बात नहीं है । दरअसल मैं "सीमा भाभी" को लेकर बहुत परेशान हूं" । 


अब चौंकने की बारी मेरी थी । बेसाख्ता मुंह से निकल गया "क्या अपने मुहल्ले में कोई सीमा भाभी नई आयीं हैं " ? हम सीमा भाभी के ख्यालों में खोने लगे । 

"अरे नहीं भाईसाहब, सीमा भाभी अपने मुहल्ले में नहीं आईं हैं अपितु देश में आईं हैं और उनकी ऐन्ट्री किसी वी वी आई पी की तरह हुई है । सारे टी वी चैनल्स उसी की "खिदमत" में लगे हुए हैं । 24 घंटे उसी को दिखा रहे हैं । हमें तो कोई पूछ ही नहीं रहा है । "सीमा का सचिन" और "सचिन की सीमा" के नाम से बॉलीवुड ने दो पिक्चर भी घोषित कर दी हैं । 'चार बच्चों की मां अपने प्रेम की खातिर पाकिस्तान से भारत आ गई' , प्रेम की ताकत कहकर न्यूज चैनल्स वाले सीमा को लैला और सचिन को मजनूं घोषित करने में लगे हुए हैं । कुछ राजनीतिक दल तो सीमा को अपनी पार्टी में शामिल करने के लिए सीमा के घर के सामने धरना देकर बैठे हुए हैं । उन्हें लगता है कि उनकी डूबती लुटिया को सीमा ही बचा सकती है और उनकी खिसकी हुई कुर्सी वह फिर से दिला सकती है । पर इस मुई सीमा ने हम जैसी छमिया भाभियों की दुकान बंद कर दी है । अब आप ही बताओ भाईसाहब कि हम क्या करें" ? 


सीमा हैदर को लेकर छमिया भाभी इतनी चिंतित होंगी , हमने सपने में भी नहीं सोचा था । छमिया भाभी अगर नाराज हो जायें तो हम जैसे देवरों का दिन बड़ा बुरा निकलता है । बेचारे रसिकलाल जी तो सुबह चार बजे से ही उनके घर के सामने से टहलना शुरू कर देते हैं । आज न जाने कैसे उन्होंने अपने सीने पर पत्थर रखा होगा । हमने एक बार छमिया भाभी के घर से निकल कर बाहर सड़क पर जाकर देखा तो पाया कि रसिकलाल जी इधर भाभी के घर की ओर ही ताक रहे थे । हमें देखकर चलते बने । हमने छमिया भाभी से कहा 

"भाभी, सीमा हैदर कोई लैला वैला नहीं है । वह तो पाकिस्तानी जासूस है जिसने सचिन जैसे भोले भाले लड़के को "हनी ट्रैप" में फंसाकर पूरा स्वांग रचाया है । और हमारे देश का मीडिया तो टी आर पी का इतना भूखा है कि यदि हमारे देश में चार पांच पाकिस्तानी आतंकवादी अगर घुस जायें तो ये न्यूज चैनल्स वाले उन्हें "हीरो" और हमारे देश की सेना को "विलेन" बना दें । हो सकता है उनसे दो चार "लाइव बम धमाके" करवा देंगे । पता है इससे उनकी टी आर पी कितनी बढेगी ? टी आर पी और पैसों का भूखा मीडिया कुछ भी कर सकता है । इसलिए आप इस प्रेस्टीट्यूट्स पर मत जाओ । 


सीमा हैदर से तो एन आई ए पूछताछ कर रही है । उसे या तो जेल में जाना होगा या फिर उसे पाकिस्तान जाना पड़ेगा । मगर उस सचिन का क्या होगा जो मुफ्त में "मजनूं" बन गया । आप नाहक ही चिंता कर रही हैं । आपके सामने सीमा वीमा कहीं अड़तीं हैं क्या ? आप तो छमिया भाभी हैं, पूरे मुहल्ले की शान हैं। ये सीमा चीमाओं से परेशान मत हुआ करो । ऐसी सीमाएं तो आती जाती रहेंगी पर आप तो परमानेंट हैं यहां । समझ गई ना" ? 


हमारी बातों से उनका चेहरा खिल गया और वे हमारे साथ मॉर्निंग वॉक पर आ गईं । 


श्री हरि 



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