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Swati Grover

Drama Others

3  

Swati Grover

Drama Others

सेटल

सेटल

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सौम्या मेट्रो में बैठी अपने स्टेशन का इंतज़ार कर रही थी। वह रोज़ रिठाला एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने जाती है, फिर वापिस अपने घर जाने के लिए इंदरलोक मेट्रो स्टेशन पर उतरती है। वहां से उसके घर का रास्ता बीस मिनट का है। उसके दो बच्चे उसका इंतज़ार कर रहे होते है कि कब माँ घर आए और आकर उनको खाना खिलाए। आज मेट्रो रास्ते में दो बार ख़राब हो चुकी है। और उसका मन है कि वो उड़कर किसी तरह अपने घर पहुँच जाए। आँखें बंद करती है तो वह सात साल पीछे पहुँच जाती है। शादी करके वह कितने अरमानों से साहिल के घर आई थी। सब कुछ अच्छा भी गुज़र रहा था। साहिल एक अच्छी कंपनी एप्पल में मार्केटिंग मैनेजर की पोस्ट पर था। अच्छा कमाता था। पिताजी ने उसका घर और काम देखकर ही एक योग्य वर चुना था। साहिल सचमुच योग्य था उसका आदर करता था और उसके प्रेम में भी कोई कमी नहीं थी। शादी के छह-आठ महीने ऐसे बीते कि कोई सपना हक़ीक़त में बदल चुका हूँ। वह अपने सभी दोस्तों से कहती फिरती थी कि शादी करके सेटल हो गई है और खुश भी बहुत है। वह अपने हर दोस्तों से पूछती रहती थी कि, "कब शादी कर रहे हो ?" "सेटल क्यों नहीं हो जाते?" सब उसे कहते कि "हर किसी को तेरी तरह 22-23 साल की उम्र में कोई राजकुमार नहीं मिलता सेटल होने के लिए।" वह अपनी किस्मत पर इतराती है कि सही समय पर सेटल हो गई है और उसके माँ-बाप भी अपनी ज़िम्मेदारी से फारिग हो गए। 


शादी को एक साल बीता था, शादी की वर्षगाँठ थी। साहिल ने डायमंड की रिंग दी थी। कुछ दिन गोवा में बिताए एक अच्छी वर्षगाँठ मनाने के बाद जब वह घर आई तो उसने चहकते हुए कहा कि "इतना अच्छा समय तो हमने अपने हनीमून सिंगापुर में भी नहीं बिताया था। थैंक्यू। "योर वेलकम स्वीटहार्ट!" साहिल ने भी गले लगाते हुए कहा था। अच्छा! तुमसे एक बात करनी थी। मैं सोच रहा था कि तुमने बी.एल.एड. किया हुआ है। फिर जॉब क्यों नहीं कर लेती ?" "जॉब ???? सौम्या ने कहा" ! पर क्यों ? सौम्या देखो, अब साल बीत चुका हैं। फॅमिली के बारे में सोचेंगे। जितना कमाएंगे उतना अच्छा हैं। साहिल ने कहा ! पर तुम्हारी सैलरी से तो गुज़ारा अच्छा हो रहा है। मम्मी तुम और मैं ही तो हैं। कल को बच्चे होंगे तो क्या तुम्हारी एक महीने की ढाई लाख सैलरी कम पड़ेगी ? सौम्या का जवाब था। गाड़ी की ई.एम.आई. भी भरता हूँ और भी लेना देना लगा रहता है। तुम्हारे पापा ने तो शादी में गाड़ी दी नहीं। यह कहकर साहिल बाहर निकल गया। सौम्या हैरान सी देखती रह गई। उसे हमेशा से लगता था कि नौकरी करना हमारी मर्ज़ी होनी चाहिए कोई मज़बूरी नहीं। वह ऑनलाइन शेफ बनकर अपना शौक पूरा करना चाहती है, अब पैसे आए न आए ऐसी कोई गरंटी थोड़ी न है। 


आज छह साल हो गए। उसे इसी रिठाला के स्कूल में जॉब करते हुए। छह साल में उसकी सैलरी तीस हज़ार तक पहुँची है और साहिल महीने के पाँच लाख कमाता है। पहले बच्चे के बाद उसने बहुत कहा कि अब वह जॉब छोड़ना चाहती है पर साहिल और उसकी माँ ने साफ़ इनकार कर दिया। अब रोज़ वो घर जाती है, बच्चों के लिए कुछ बनाती है। वे उसके बिना खाना नहीं खाते और उनकी दादी खाना खिलाने के लिए ज़िद भी नहीं करती। फ़िर थोड़ा आराम कर शाम के खाने की तैयारी करती है। बच्चों को होमवर्क कराती है। स्कूल का भी काम होता है। साहिल भी ऑफिस से थक हुआ आता है। दोनों में बातचीत तो नाम भर की रह गयी है। कभी बच्चे ज़िद करे तो शनिवार या रविवार घूमने ले जाता है।


उसका स्टेशन आ चुका है। और भी वर्तमान में लौट आई है। अरे! रीना तू यहाँ कैसे? सौम्या एक युवती से टकराते हुए बोली। "सौम्या तू ? गले लगाते हुए रीना बोली। किसी रिश्तेदार के से मिलने आई थी। दो साल हो गए शादी को रौनक के रिश्तेदार बुलाते ही रहते है। रीना ने कहा। "चलो अच्छा हैं, सेटल हो गयी। तू भी फाइनली। सौम्या ने कहा। हाँ, यार अब हुई हो सेटल तीस के बाद। और बता यहाँ कैसे ? स्कूल से आ रही थी। जॉब करती हूँ। घर आ न कभी ? तेरा शनिवार और एतवार तो छुट्टी होती होंगी ? सौम्या ने पूछा ! अरे ! जॉब छोड़ दी! रौनक कहा कि मैं इतना कमा रहा हूँ। किस लिए ? बस, तुम हमारी ज़िन्दगी और घर सम्भालो फिर मैं भी थक गई थी, बीमार रहने लगी थी। चल, मैं चलती हूँ ! तेरा फ़ोन न. वही हैं ? हाँ, वही हैं ! कहती हुई रीमा चली गई।


 सही मायने में सेटल तो रीना है। अगर कोई पायलट है तो वो क्यों घर बैठेंगी पर अगर कोई ज़मीन पर ही रहना चाहे तो उसे ज़बरदस्ती पायलट बनाना ज़रूरी है और उड़ना उसकी मज़बूरी भी नहीं है। यही सब सोचते-सोचते वो घर पहुँच गई। घर पहुँची तो बच्चे बिस्कुट खा रहे थे। सास सो रही थी। उसने भी दवाई खाई। कई दिनों से उसे भी कमजोरी महसूस हो रही थी। डॉक्टर ने कुछ ताकत की गोलियां दी है। जिन्हें खाना याद नहीं रहता। तभी पिताजी का फ़ोन आया कि मामा जी आये हुए है, कह रहे है कि गीता को समझाओ कि अच्छा लड़का है। शादी करके सेटल हो जाये। लो बात करो।


"उसे जीने दीजिये, मामाजी। जब होना होगा सेटल हो जाएगी। उसका मन नहीं हैं तो जिद न करे। शादी कर कर भी सही मानिये में कौन सेटल होता है यह तो वक़्त बताता है। कहकर उसने फ़ोन रख दिया। और बच्चों को सुलाने लगी। 



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