रामायण से प्रेरित दो चिंतन
रामायण से प्रेरित दो चिंतन
कथा 1 — राम और हनुमान
जब भगवान राम ने पहली बार हनुमान को देखा, तो उन्होंने पूछा:
“तुम कौन हो — वानर या मनुष्य?”
हनुमान ने विनम्रता से उत्तर दिया:
“प्रभु, जब मैं नहीं जानता कि मैं कौन हूँ, तब मैं आपका सेवक हूँ।
और जब मैं जान लेता हूँ कि मैं वास्तव में कौन हूँ, तब आप और मैं एक ही हैं।”
🕉️ कथा 2 — रावण और मंदोदरी
सीता का हरण करने के बाद, रावण ने अनेक बार उन्हें अपने अधीन करने का प्रयास किया, पर वह असफल रहा।
यह देखकर मंदोदरी ने कहा:
“नाथ, आप रूप बदलने में समर्थ हैं।
आप राम का रूप धारण करके सीता का विश्वास क्यों नहीं जीत लेते?”
रावण ने गहरी साँस लेकर उत्तर दिया:
“मंदोदरी, तुम नहीं समझती।
यदि मैं राम का रूप धारण भी कर लूँ,
तो हर स्त्री मुझे माता के समान दिखाई देगी।
राम का स्वरूप ऐसा ही है — और मैं उसकी मर्यादा का उल्लंघन नहीं कर सकता।”
