my twisted love
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✨ Tiger warning
ये नोवेल आगे जाके काफी रोमांटिक हो गि जिससे नही पसंद वो अभी ही ये पढ़ना छोड़ दे


( Californi)
द मून ग्रांड वेडिंग हाल , शानदार सजावट में ग्रांड वेडिंग हॉल को सजाया गया था। विदेशी फूलों की खुशबू चारो ओर फैली हुई थी सारे guest jo की काफी आमिर लग rhe थे वहां बड़े बड़े business man se lekar मशहूर सिंगर एक्ट्रेस सब मौजूद थे जो की माफिया वर्ल्ड से बिलॉन्ग करते थे ।
सारे guest bas जल्दी से शादी शुरू होने का वेट कर रहे थे । क्युकी आज एशिया के ही नहीं पूरे वर्ल्ड में जिनका राज चलता है उन माफिया ब्रदर्स की शादी थी। द्विज और ईशान रॉय वर्ल्ड की number one company alpha Dracula के मालिक
अचानक सारे हॉल में सन्नाटा छा गया और जो बैठे थे वो अपनें जगह से उठ गए सभी की नजरे बस एंट्रेस पर थी जहां से दोनो भाई चल कर आ रहे थे

Ishan Roy CEO of Alpha dracula industries
Age :- 23 (

Dwij Roy president of Alpha dracula industries
Age :-26
उनके बाहरी शांता के बावजूद , उनके आंखों में क्रूरता देखी जा सकती थी वो दोनों हार्टलेस माफिया थे जो किसी के बारे में नही सोचते थे। उन्होंने ने white kurta pajama पहना था सिंपल शादी जैसा
वो दोनो बोहोत ही हैंडसम,the ,दोनों भाइयों के चेहरे के फेशियल फीचर एक जैसी थी। They had sharp, defined features, strong jawline. Their eyes were a deep, जहां द्विज की आंखे गहरी काली थी वही ईशान की आंखे ग्रेईश थी द्विज का चेहरा थोड़ा लम्बा, आंखें कुछ ज्यादा इंटेंस थी
दूसरी ओर, ईशान का चेहरा एंगुलर था, उसके बाल थोड़े उलझे हुए थे, और उसके चेहरे पर एक मुस्कुराहट की झलक थी जो द्विज के पास नहीं थी।
उनके परिवार का पास्ट उलझा हुआ और डार्क था, जिसके बारे में पूरे एशिया में दबी जुबान में चर्चा होती थी.
दोनों भाई एक ऐसे परिवार में पले-बढ़े थे जो माफिया की दुनिया में गहराई से शामिल था, उनके शुरुआती साल अंडरवर्ल्ड के रूल और रहस्यों को सीखने में बीते। उनका परिवार काफ़ी मशहूर था।
उनके पिता डेविड रॉय एक मशहूर हार्टलेस माफिया और बिजनेस मैन थे। और पूरे अंडरवर्ल्ड के गद्दी पर राज करते थे। जो अब द्विज की थी", उनकी माँ का नाम अंजू रॉय था और वह एक अच्छे दिल और सुंदरता कि मूरत थीं जो हर परिस्थिति में अपने पति के साथ खड़ी रहीं। लेकिन जब गुस्सा आता तो कोबरा जितना घातक हो सकता था। भाइयों की एक छोटी बहन थी जो उनके पिता की आँखों का तारा थी। नाम एमा रॉय वो खुशमिजाज स्वभाव की थी किसी के साथ बुरा होते हुए इन्हें देखा नहीं जाता था अपने भाइयों की लाडली अभी फैशन डिजाइनर का कोर्स कर रही है।
शादी का जश्न बहुत ग्रांड था, जिसमें सभी माफिया वर्ल्ड के लोग और बिजनेस मैन मौजूद थे। उन दोनो के स्ट्रॉन्ग औरा मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया सारे हॉल में बस दोनो की ही चर्चा हो रही थी छोटे से लेकर बड़े business man उनसे एक मुलाकात के लिए बेकरार खड़े थे की कही उन से अपने बिजनेस के बारे ने बात करने का मोका मिल जाए।

इरांशी मित्तल पेशे से कार्डियो लॉजिस्ट है
Age:- 20

रोशी मित्तल अभी अपनी पढ़ाई कर रही h
Age :-18
तभी एक दम से सारी। लाइट ऑफ हो गई और सब नजर फोकस लाइट पर चली गई स्टेयर्स पर जहां से दोनो दुल्हने आ रही थी रोशी और इरांशी मित्तल
उनके पिता राकेश मित्तल लाईफक्योर हेल्थकेयर के सीईओ और वाइस चेयरमैन थे जो अब इस दुनिया में नहीं वो किसी रोड ऐक्सिडेंट में मारे गए थे तभी से उनकी पत्नी नितारा मित्तल उनका सारा बिसिजेस और अंडरवर्ल्ड के उनके काम देखा करती है
आज उनकी दिनों बिटिया इरांशि और रोशी की शादी माफिया वर्ल्ड पर राज करने वाली फैमिली के बेटो से हो रही थी द्विज और ईशान ।
उन्होंने सुनहरे रंग का लहंगा पहना हुआ था, उनके सिर पर पारंपरिक भारतीय दुल्हन के गहने सजे हुए थे। भारतीय परंपरा के अनुसार उनके चेहरे पर सुनहरा घूंघट था, लेकिन उसकी मुस्कान सुनहरे घूंघट के बीच से झिलमिलाती हुई दिखाई दे रही थी। ईरांशी बेहद खूबसूरत थी जिसने द्विज रॉय का दिल जीत लिया था। हां द्विज को वो पहले नजर में भा गई थी उसका नेचर बात करने का तरीका द्विज को उसके हर एक अदा से प्यार था और इरांशी तो पूछो हीं मत द्विज उसका बचपन का क्रश था बड़े होने के बाद बस न्यूज पेपर मैक्जिन में हीं देखा करती थी लेकिन अब तो उसकी शादी ही उसे हो रही थी उसके दिल मे मानो लाडू फूट रहे थे।
दूल्हे द्विज और ईशान एक दूसरे के बगल में खड़े थे, उनके चेहरे शांत और स्थिर थे। जैसे-जैसे वे आगे बढ़ रहे थे, द्विज के तीखे चेहरे और भी स्पष्ट होते जा रहे थे।
दूल्हे द्विज रॉय और ईशान रॉय एक दूसरे के बगल में खड़े थे, उनके चेहरे शांत और स्थिर थे।
ईशान अपने गंभीर दिमाग वाले भाई से बिलकुल अलग था क्योंकि जब वह मेहमानों को देख रहा था तो उसके होठों पर हल्की सी मुस्कुराहट थी।
इरांशी के साइड मैं उसकी छुट्टी बहन थी भारी सुनहरे बॉर्डर वाली लाल साड़ी पहनी हुई थी। उसका चेहरा पारंपरिक दुल्हन के घूंघट से ढका हुआ था, भारी सोने के ज्वेलरी ने उसके रूप को पूरा किया, और वह एकगॉडेस की तरह दिख रही थी। ईशान की नज़रें एक पल के लिए अपनी दुल्हन पर टिकी रहीं,
यह कहना मुश्किल था कि दोनों दुल्हनों में से कौन सबसे सुंदर थी क्योंकि उन दोनों की अपनी-अपनी यूनीक सुंदरता थी
इरांशी की खूबसूरती क्लासिक और एलिगेंट थी, और उसकी खूबसूरती को नज़रअंदाज़ करना मुश्किल था। उसका परफेक्ट फिगर किसी को भी उसकी तरफ आकर्षित कर सकता था
वहीं रोशी दुल्हन आकर्षक सुन्दर थी, उसके नैन-नक्श तीखे थे और शरीर पतला था।
हालांकि उन दोनो का चेहरा घूंघट में ढाका हुआ था लेकिन उनका मिल्की वाइट रंग जो शायद किसी के छूने पर मेला हो जाए गुलाबी पंखुड़ी जैसे होट और नाज में पहनी बड़ी सी नोज रिंग जो उनकी सुंदरता पर चार चांद लगा रही थी । जो सबको ये दिखाने के लिए काफ़ी था की वे कितनी सुंदर है
दोनों दुल्हनें एक दूसरे से सटी हुई खड़ी थीं। इरांशी को देखते हुए रोशी की आँखों में शरारत भरी चमक थी और वह उसके करीब झुकी और फुसफुसाकर कुछ कहने लगी। ईशान ने देखा कि कैसे द्विज उसके चेहरे पर कोई भावना नहीं थी। वह हमेशा अपनी भावनाओं को छिपाने में माहिर था,
लेकिन अंदर ही अंदर वह अपने भाई के लिए खुश था। जैसे-जैसे समारोह आगे बढ़ा,
पुजारी ने पारंपरिक विवाह प्रतिज्ञाओं को पढ़ते हुए समारोह की शुरुआत की, उसके बाद द्विज इरांशी और ईशान रोशी ने अपनी प्रतिज्ञाएं दोहराईं।
द्विज का हाथ इरांशी के हाथ मे था और ईशान का रोशी के
मीरा की निगाहें स्थिर थीं, मानो दुनिया में द्विज के अलावा कुछ और हो ही नहीं। शादी की रस्म सुचारू रूप से चल रहा था, हॉल में शांति का माहौल था। ईशान के अपने विचार थे
ईशान के विचार बदलने लगे थे, लेकिन उसने उन पर पूरी तरह से लगाम लगा रखी थी वो क्या विचार है भाई अब वो ही जाने।
दूसरी ओर, रोशी, उसका दिल तेज़ी से धड़क रहा था और हथेलियाँ पसीने से तर थीं। वह एक ही समय में एक्साइटमेंट और घबराट दोनो महसूस कर रही थी। ,
उसके पेट में अभी भी तितलियाँ उड़ रही थीं।
पुजारी ने उन्हे फेरों के लिए खड़ा होने को कहा फेरे होने के बाद अब बारी थी सिंदूर और मंगल सूत्र की द्विज और ईशान ने इरांशी और रोशी की मांग भरी और अपने नाम का मंगल सूत्र पहना दिया शादी संपन्न हुई आज से आप दोनो पति पत्नी हुए। अपने बड़ों का आशीर्वाद लीजिए ये सुन द्विज और ईशान ने आपने माता पिता के पैर छुए और नितारा के। नितारा जी के आंखों मे आंसू थे उन्होंने अपने दिनों बेटियों को सीने से लगा लिया और रोने लगी।
अब बस भी करो नितारा आज से ये दोनो मेरी बेटियो जैसी है इतना कहने से नितारा उनसे दूर हुई । अरे ये क्या नितारा इन दोनो ने अभी तक घूंघट क्यू ले रखा है अरे निकालो इसे अंजू जी ने कहा और उन्होंने इरांशी का घूंघट उपर किया उपर करते ही उनकी आंखे हैरानी से बड़ी हो गई उनके हाथ से घूंघट छूट गया सब उनके ऐसे रिएक्शन से उन्हे देखने लगे क्या हुआ अंजू नितारा ने पूछा । ये तो तुम मुझे बताओ की ये क्या है क्या ,क्या नितारा ने कन्फ्यूज होते हुए पूछा ", अंजू ने गुस्से ने इरांशी ओर रोशी का घूंघट उपर किया अब की बार सारे हैरान हो गए
रोशी की जगह इरांशी थी और इरांशी की जगह रोशी सब एक दुसरे के मुंह को हैरानी के भाव से देखने लगे । तभी द्विज ने अपनी गन उपर कर शूट कर दिया शादी खत्म ", उनसे बड़े गुस्से में कहा बस इतना सुनते ही पूरा हॉल खाली होना शुरू हो चुका था।
ये सब क्या है नितारा ", ये तो मुझे भी नही पता भाईसाब ", तो किसे पता ", द्विज ने गुस्से से चीखते हुए पूछा उससे ये बात बर्दाश्त नहीं हो रही थी की उसकी शादी उसके प्यार से न होकर किसी और से हो गई वही जब इरांशी को पता चला की उसकी शादी द्विज से न होकर ईशान से हो गई है उसकी आंखो से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे वो वही धाम से बैठ गई। इरा ", अंजू ने चिंता से पुकारा इरांशी रोने लगी ", तभी द्विज उसके पास आया ओर उसके हाथ को पकड़ कर एक झटके में खड़ा कर दिया और कहा why are you क्रेरिंग चलो हम दोनो अभी शादी करते है। वो उसे मंडप की और ले जाने लगा द्विज द्विज डेविड ने जोर से कहा तो वो रुक गया उन्हें इरांशी का हाथ उसे छुड़ाते हुए कहा बेवकूफी मत करो अब तक सारे एशिया में तुम्हारी और रोशी के शादी के बारे में फ़ैल चुका होगा अगर अब तुम ये सब करोगे तो तुम्हारे दुश्मन को तुम्हारी कमजोरी का पता चल जायेगा ।
"", तो आप क्या चाहते में उस लड़की के साथ रहूं उसे अपनी पत्नी मनु ", द्विज ने दांत पीसते हुए कहा हां डेविड ने सपाट लहजे मे कहा जहां एक तरफ सारे परेशान थे द्विज इरा दुखी थे वही दूसरी और ईशान और रोशी को तो जैसे फर्क हीं नहीं पढ़ रहा था। मानो......

