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18.Sibasish Parida

Abstract


4.5  

18.Sibasish Parida

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मिश्री के किस्से-भाग १

मिश्री के किस्से-भाग १

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मिश्री एक हंसती खेलती प्यारी सी लड़की।मिश्री आजकल अपने जादू टोना बाले सेल्फी उठाने छोड़ उनमें नये नये उपकरणों का प्रयोग करने का सोच रही है। जैसे की खड़े होकर सेल्फी तो सब उठाते हैं मिश्री महोदया सेल्फी को एक अलग अंदाज से उठाने की सोच रही थी । वो केमरे को टेढ़ा करके उसमें अजीब ओ गरीब शक्ल बनाकर सामने बाले के मन मैं जो खौफ लाती है ना वो आज भी बरकरार है।

तो कालेज में मिश्री को कई दोस्त मिले ,कई मददगार लोग भी मिले, सबने मिश्री को बहुत सराहा , बहुत साथ भी दिया। सब के सब खुश थे मिश्री से। सब कुछ ठीक चल रहा था की एक दिन उसके दोस्त ने उसके हाथ एक फोटो उठाने की मांग की , मिश्री ने भी मना नहीं की या। ठीक जब सेल्फी में पोज देने की बारी आई, मिश्री ने अपने रंग दिखाने शुरू कर दिये। ऐसै ही बहुत सारे फोटो उठाये मिश्री ने, बहुत सारे फोटो तो लाजवाब थे।

एक दोस्त ने देखा की मिश्री की परछाई उसके फोटो में से गायब है। वै डर गए , क्या करें क्या नहीं इस सोच में पड़ गए। आखिर में सबने मिलकर फैसला लिया,के सब मिलकर इसकी सच्चाई ढुंढेगे । तब तक तो सब ने मिश्री से इस बात को छुपाने की भरसक प्रयास की या।

चलती हुई रेल की तरह बाकी दिन भी यूं गुज़र गये। मिश्री हमेशा अव्वल दर्जे के नम्बर लाया करती थी। देखते देखते पेहला सत्र खत्म हो गया। मिश्री हर बार की तरह पहला स्थान हासिल की या,पर सत्र खत्म होने के साथ-साथ उस फोटो गैलरी वाली यादें अब भी सब के दिमाग में ताज़ा है।


मिश्री के किस्से-भाग २

तो मिश्री देवी ने अपने कालेज में अंकों से तो कमाल की या ही था तथा अपने गायकी से भी बहुत नाम कमाया था। कोई भी बड़ी फन्कसन में मिश्री का रहना अनिवार्य है क्यों की उसकी गायकी के बहुत दिवाने थे। चलो ऐसे ही एक फन्कसन की व्याख्या करें और देखें मिश्री देवी क्या नया कान्ड की या।

मिश्री देवी ऊर्फ मिशु के बेस्टी आनंदित मिस्रा के साथ इनको फन्कसन में होस्ट करने का मोका मिला था।मिशु ने आनंदित से साफ साफ केह दिया था, की वो कोई भी गलती ना करें। आनंदित को भी पता था की क्या क्या हो सकता है तो वो भी सर्तक रहने लगा। वो दिन भी वड़ा अच्छा था, ताज़ा मौसम और जलवायु में परिवर्तन होने के बहुत कम चान्स था।

स्टेज भी बिल्कुल त्योहारों जैसा सजाया गया था, कालेज भर में एक जश्न का माहौल बना हुआ था। सारे बच्चै साल में एक दिन आने वाले इस फंक्शन में मजे करने के लिए बेताब थे। सारे पार्टीसिपेट करने वाले प्रतिभागि‌ अपने मेकअप में ब्यस्त थे, और हं हम केहना भुल गए मिश्री देवी ने २०% मेकअप स्वयं अपने उपर लगाया था। खैर छोड़ो फंक्शन बस शुरू होने ही वाला था की मिशु को‌ कुछ याद आ गया। वो दौड़कर अपने कोमन रूम की तरफ चली गई। रस्ते में उसकी एक लडके के साथ टक्कर हो गई, लडके ने माफी भी मांगी पर मिशु के अलग ही इरादे थे। मिशु ने बस आंखें मटकाई और मिशु बन गई मिक्षिशु जिसके हलचल मैं जाहां फिकी पड़ जाती है और जलवायु परिवर्तन हो जाता है। एक झपक मैं ही वो लड़का जोर जोर से रोने लगा। सुना है एक दिन तक वो लगातार रोता रहा और अगले दिन सो भी नहीं सका। जैसे ही फंक्शन को होस्ट करने आई लगा नहीं उसने कुछ की या है। बहुत शान्त और स्तिर दिखाई दे रही थी वो।

स्टेज पे उसके हाब भाब देख आपको नहीं लगेगा कुछ हुआ भी ऐसा हुआ हो। खैर मिश्री साही बा ने कालेज में अपने पहले शिकार करके बहुत खुश दिखाई दे रही थी।आशा है मिश्री के बराबर बाला कोई आएगा, उसके सारे भ्रम तोड़ जाएगा।


मिश्री के किस्से-भाग ३

मिश्री देवी के की स्सों की लहर आज उसके घर तक पहुंच गई है। उम्मीद है कुछ अच्छा ही हो।

अच्युत नामक उसकी एक पड़ोसी उनके घर के पास रहा करती थीं। बात ये थी की उन्होंने मिशु को रूप बदलते हुए देख लिया था, बस तब से ये अफवाह पुरे मोहल्ले में फैलाने की जिम्मेदारी उन्होंने अपने सर ले ली। एक दिन की बात है मिश्री अपने दोस्तों के साथ घूमने निकली थी, बस तब्ही अच्युत की नजर पड़ी उस पे। उसने काहा बच के रही यो मेरे नजर है तुमपे ,मिश्री देवी ने भी कह दिया उसकी जरूरत नहीं पड़ेगी आप अपना ख्याल रखो बस‌।

मिश्री जी ने मल में घुमाने के साथ साथ एक फिल्म भी देख डाली, उसके सारे दोस्तों के साथ वो वहुत मजे कर रही थी। इतना सब करने के बाद भी उसका मन नहीं भरा था, उसने कहा चलो कहीं खाने चलते हैं,सब ने हं में हं मिलाई और चल पड़े।

मिश्री को क्या ही पता था की उसके टक्कर का कोई उससे मिलने वाला है। रेस्टोरेंट में घुसते ही उन्होंने देखा की भिड़ कुछ ज्यादा ही थी, फिर भी सब ने वही खाने का फैसला की या। सब ने अपनी जगह ले ली और बैटर का इंतजार करने लगे। तभी उसी क्षण मिश्री देवी को बाथरूम जाने का मन की या।जाते वक्त उसे एक लडका दिखाई दिया बड़ा अजीब सा था, मिश्री जी ने सोचा चलो पुछ लेते हैं।जब उसने पूछा तो उसने कहा वो कुछ दिनों के लिए उस शेहर घुमने आया है। मिश्री ने कहा बहुत अच्छी बात है आप हमारे सहर घुमने आये , आशा है आपको पसंद आएगा। इसी तरह इनकी बातें आगे बढ़ी और ५-१० मिनट तक इनकी बातें चलती रही। जाते जाते उसने कहा चलो एक सेल्फी हो जाए,अरे हं लडके का नाम शुभागत था और वो इस बात को मान गया।बस सेल्फी लेते वक्त उसने मिशु के अजीब औ गरीब ढंग देख जरा घबरा गया,पर ज्यादा कुछ नहीं हुआ। मिश्री भी शोक में पड़ गई के इसे कुछ हुआ क़्यु नहीं। मिश्री जो हमेशा हस्ती,खेलती रहती है , आज बो पुरी शुन पड़ गई थी। खैर शुभागत ने इस पर नजर रखने का फैसला की या। मिश्री ने अपने दोस्तों के साथ खाना खाने के बाद जल्दी निकल गई। खैर जो भी हो हमे मिश्री के बराबरी बाला कोई तो मिल गया,अब मिश्री को अपने काबू में करने वाला शख्स हाजिर हो गया है तो आगे की घटनाएं भी बड़ी रोमांचक होने वाले हैं।आप बने रही ए, मिश्री देवी आपका भला करे।

स्टेज पे उसके हाब भाब देख आपको नहीं लगेगा कुछ हुआ भी ऐसा हुआ हो। खैर मिश्री साही बा ने कालेज में अपने पहले शिकार करके बहुत खुश दिखाई दे रही थी।आशा है मिश्री के बराबर बाला कोई आएगा, उसके सारे भ्रम टोड जाएगा।


मिश्री के किस्से-भाग ४

मिश्री ने पिछले दिन के सदमे से उबरने की कोशिश कर ही रही थी की उसके भाग्य में एक ओर मुश् की ल सामने आ गयी।अब उसके हर रूप को निरूपण करने वाले लोग उसके पिछे पड़ गए थे।शुभागत ने नजर रखने का जिम्मा अपने पर ले लिया था, और कुछ अनहोनी ना हो इसके लिए वो खुद इन सब में लगा हुआ था।

मिश्री रोज की तरह अपने कालेज समय पर पहुंच ने हेतु जल्द तैयार हो गई और निकल पड़ी। उसे क्या ही पता था अगले क्षण उसके साथ क्या होने वाला है, कुछ लोग उसपे नजर रखे हुए थे,यह बात उसको अच्छी नहीं लगी। उसने अपना रूप बदलते हुए मिशुशा का रूप लिया,याद रहे यह रूप क्रि से ३ गुना ज्यादा ताकतवर है और जलवायु परिवर्तन की क्षमता भी रखता है।मिशुशा को जितने भी लोग पीछा करते दिखे उसने सबको मार गिराया,एक को भी हंसने का मौका नहीं दिया,जिवनभर के सारे दुःख दे दिये। मिश्री मन ही मन बहुत मुसकुरा रही थी।

इन सबकी बुरी हालत देख शुभागत को बाहर आना ही पड़ा, अपने शक्तियों का इस्तेमाल करने के लिए उसने अपने हाथों को जोड़कर आसमान की ओर देखा और कहा "इस चुड़ैल से लडने की शक्ति प्रदान करें है ईश्वर!!!वह अपने उपर लगाए गए भरोसे को तोड़ना नहीं चाहता था।उसे इसको जैसे भी हो हराना था।लड़ाई का पहला पड़ाव शिकार को अपने काबू में लाना, इसके लिए उसने जितने हो सके उतने कम चान्स लेने का सोचा !!! बहुत सोचने के बाद उसने सोचा इस कार्य को कल करना का सोचा!!!!!

पहले शिकार को फसाने के लिए उसने एक प्लेन की या,पेहले मिश्री के लिए उसने एक बिएफ जैसे दिखने बाले एक लडके को उसके कालेज को भेजने ‌का फैसला की या। मिश्री को क्या पता था उसके साथ क्या होने वाला था, खैर सब कुछ ठीक चल रहा था कुछ दिनों के लिए, मिश्री को भी शक हो रहा था की कुछ ग़लत होने वाला है पर उसने सोचा जो होगा देखा जायेगा। बारिश का मौसम चल रहा था, कुछ दिनों ऐसा ही चलता रहा। फिर शुरु वात हुई प्लेन ए का पेहला भाग। बिएफ बनने की प्रयास वो भी मिश्री का , सपनों में भी कोई ये बात मुझे कहे तो हंसी आएगी पर कोशिश जरूर करने वाला था यह लड़का। फिर कुछ दिनों तक कोशिश जारी रही।

उस लड़के का नाम शिवु था। उसने मिश्री के हर उस पसंद आने वाले चिजो को अपने रखने की कोशिश की । उसके हर रूप में ढलने लायक बनने की भी कोशिश की । इतना भरसक प्रयास करने के बाद ठोडा बहुत बदलाव हो रहा था, मिश्री में बहुत सारे बदलाव आने लगे ,बो जरूरत से ज्यादा हसती रहती, बात बात में चिढना घट गया था ,मतलब बहुत बदलाव आ गया था।शिबु ओर मिश्री के बीच तकरार अब घटने‌ लगी थी। आशा थी कुछ बहुत बड़ा होने वाला है!!!


मिश्री के किस्से-भाग ५

तो कालेज में मिश्री को फसाने की तकनीक बिल्कुल रगं ला रही थी। धीरे धीरे शिबु मिश्री को अपने कब्जे में लेकर आ ही रहा था की तब्ही एक मुसिबत आ गयी, मिश्री को ठोडा सा शक होने लगा था शिबु पर ।

पर शिबु हर बार की तरह इस शक को ठुकरा कर उसे अपने प्यार का एहसास दिला दिया करता था।ऐसा करते करते बहुत दिन बित गए। शिबु ने एक दिन मिश्री को कालेज बन्क करने का सुझाव दिया, मिश्री बहुत बार ही च की चाते हुए मना की या पर आखिर में मान ही गई।बस शिबु ने राहत की सांस ली और अपने प्लेन के दुसरे भाग को इस्तेमाल की सोच में पड़ गया।

अगले सुनहरे दिन दोनों कालेज नहीं गए , दोनों ने उस दिन का बहुत कुछ सोचा था खासकर के शिबु ने।

प्लेन के मुताबिक शिबु ने उस सहर के हर उस घुमाने लायक जगह में मिश्री को ले गया और मिठी मिठी बातें करता रहा। बहुत घुमने के बाद उन्होंने कहीं आराम करने का सोचा,शिबु ने अपना घर पास बताकर उसे अपने घर ले गया। अपने घर के बारे में जानकारी देते देते उसने बहुत सारी बातें केस डाली।बैसे ही मिश्री ने भी अपने बारे में बहुत कुछ बताया। इतनी सारी बातें खत्म होने के बाद दोनों पार्क के लिए निकल पड़े।

प्लेन के मुताबिक यहीं पर मिश्री को काबू करने वाली चाल रची गई थी। खैर छोड़ो अब दोनों के दोनों बह पल बहुत मज़े से गुजार रहे थे, तब्ही एक इन्सान ने कुछ जादू टोना करना शुरू कर दिया। मिश्री चौकन्ना हो गई और अपने मिशाशु रूप में ढल गई। कुछ समय तक यह बार जारी रहे, धीरे धीरे जब स्थिति सुधरने लगी थी तब्ही मिश्री को थोड़ी थकान महसूस हुई और वो गिर पड़ी।यह देख शिबु ने आक्रमण रोकने का आदेश दिया, सबने मिश्री को जगाने का भरसक प्रयास की या पर ऐन वक्त पर मिश्री उठ पड़ी और सब पर बार कर दिया।यह देख कर शिबु ने सबको अपना जोर लगाने को कहा और कुछ ही क्षणों में मिश्री ने हाथ खड़े कर दिए।

मिश्री ने हाथ जोड़कर विनती की उसे छोड़ दिया जाए और बो कभी की सी बेकसूर पर बार नहीं करेगी। सबने उसके बातों में सेहमती रखी और अपने रस्ते चल पड़े।इन सबमें एक चीज बच गई और बो है मिश्री शिबु की जोड़ी, मिश्री को शिबु से कोई शिकवा नहीं थी। आगे चलकर यह दोनों कालेज के बेस्ट जोड़ी के नाम से पहचान बनाए और बहुत सालों तक यह बात इन्होंने यह बात घरवालों से छुपाए रखी। खैर जो कुछ भी हो मिश्री का खौफ अब जा चुका था और शायद फिर कभी ना भी आए,आशा तो यही है।


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