Shalu Godara2000

Inspirational


1  

Shalu Godara2000

Inspirational


मैं एक औरत हूँ

मैं एक औरत हूँ

1 min 79 1 min 79

पुराने काल से स्त्रियों का स्थान सर्वोपरि रहा है। परंतु आजकल के पितृसत्तात्मक समाज में यह दिखावटी मालूम होता है, स्त्रियों को आगे बढ़ने का मौका नहीं दिया जाता है, अगर स्त्रियों को आगे बढ़ने का मौका दिया जाए तो वह भी आगे निकल सकती है और पुरुषों के समान कार्य कर सकती है वह लोगों को दिखा सकती है कि स्त्रियां किसी से कम नहीं होती वसुंधरा राजे प्रतिभा पाटिल और मदर टेरेसा इसी का उदाहरण है कल्पना चावला अंतरिक्ष में अपनी विशेष पहचान बनाई है।



Rate this content
Log in

More hindi story from Shalu Godara2000

Similar hindi story from Inspirational