खोज
खोज
आये दिन मनुष्य नयी चीजें खोजता रहता है, मनुष्य की भलाई के लिए।
ऐसा ही एक क्षेत्र है, जिसमें बहुत उपलब्धियां हासिल हुई हैं। वह क्षेत्र है संदेश पहुंचाने का जरिया।
पुराने काल में घुड़सवार एक शहर, राज्य से दूसरे शहर, राज्य में संदेश भिजवाते थे। प्रेमी, प्रेमिका संदेश कबूतरों के द्वारा संदेश भिजवाते थे।
फिर जमाना में डाक घर का, हर शहर, राज्य में डाक घर हैं, चिठ्ठी ना केवल देश में पर विदेश में लोग भेजते थे, बल्कि रुपए भी लोग भेजते हैं। आज भी डाक घर की सेवा उपलब्ध हैं और लोग उसका इस्तेमाल भी करते हैं।
डाक घर जैसे ही एक सेवा उपलब्ध है जिसे कहते हैं कुरियर सेवा। ये सेवा डाक घर की सेवा जैसे ही है। डाक घर, कुरियर सेवा इतनी कार्यक्षम है की लोगों को खत, सामान कुछ ही दिनों में मिलने लगे हैं।
फिर आगे नयी खोज सामने आयी दूरध्वनी जिससे लोग आपस में वार्तालाप करने लगे। संदेश बातचीत द्वारा टेलिफोन से मिनिटों में पहुंचाना संभव होने लगा।
आगे मनुष्य घर से बाहर काम के सिलसिले में घर से बाहर रहने लगा, फिर जमाना आया पेजर का, राह चलते संदेश भिजवाना आसान हो गया, यहां तक की बड़े शहरों में पेजर का इस्तेमाल ज्यादा होने लगा। लोगों को आपस में मैंने खुद में सुना है की यह एक ऐसा यंत्र है की जिस में किसी को संदेश भेजा हो पेजर पर और संदेश पाने वाला अगर भेजने वाले को गर उसे जवाब देता है तो पाने वाला जिंदा है।वो
फिर आया दौर मोबाइल फोन का, यह एक अद्भुत खोज जहां देश के भीतर और परदेस में रहनेवालों से बातचीत हो सकती है, यहां तक की विडियो कालिंग की सेवा शुरू हो गई जिसमें लोग एक दूसरे को देख सकते हैं मोबाइल द्वारा। वाॅट्स ऍप, गुगल द्वारा ये विडियो कालिंग आसान हो गया है।
आये दिन मोबाइल फोन में नयी उपल्ब्धि होने लगी है, नयी पीढ़ी इसका उपयोग ज्यादा से ज्यादा करती है। मोबाइल फोन पर गाने सुनना, बॅंक के काम घर बैठे ही काम करना आसान हो गया है। कितने ही काम मोबाइल से करना आसान हो गया है, जैसे रेलवे, सिनेमा, हवाई जहाज के टिकट निकालना इत्यादि।
मोबाइल विश्व में ठहरने वाली चीज है, इसे रिप्लेस करना बहुत मुश्किल है।
इस मोबाइल के दौर में अगर कुछ टिका है तो वह है डाक घर।
