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NIKET DIXIT

Tragedy

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NIKET DIXIT

Tragedy

गलत फहमी

गलत फहमी

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नील छत पर बैठा बैठा ना जाने किन ख्यालों में खोया हुआ भूल चुका था अपनी आज की मीटिंग के बारे में।

वह भूल चुका था कि उसे आज जल्दी ऑफिस पहुंचना है फोन की घंटी के साथ ही वह चौंक कर उठा और ए सोचा क्यों वह पुरानी बातें याद करता है क्यों पुराने जख्म ताजा करता है शायद इसलिए क्योंकि वह वक्त उसकी जिंदगी का सबसे हसीन वक्त था।

हां आज से 3 साल पहले नील शायद दुनिया में सबसे खुशनसीब और सुखी इंसान था।

उसकी शादी को तकरीबन 2 महीने ही हुए थे।

शादी भी उससे जिसे वो 7 सालों से डेट करता आया था कीर्ति।

कॉलेज के समय से ही नील और कीर्ति एक दूसरे के साथ रिलेशन में थे और 2 महीने पहले ही दोनों ने घरवालों की मर्जी के खिलाफ जाकर शादी कर ली थी।

वे आने वाले खतरे से अनजान थे।

2 महीने बाद कुछ ऐसा हुआ जिसने नील और कीर्ति दोनों की जिंदगी तबाह करके रख दी।

कीर्ति के भाई शिवेंद्र सिंह को दोनों की शादी नागवार गुजरी और उसने नील और कीर्ति के बीच गलतफहमी पैदा करनी शुरू कर दी, दरअसल कॉलेज में कीर्ति का एक दोस्त हुआ करता था करण, नील से शादी के बाद करण ने कीर्ति को अनजाने में खींचे गए फोटो के बल पर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था।

इसकी भनक उसके भाई शिवेंद्र को लग चुकी थी।

उसने करण का इस्तेमाल दोनों के रिश्ते के खिलाफ करना शुरू कर दिया और करण को कीर्ति का बॉयफ्रेंड साबित कर नील की जिंदगी में जहर घोल दिया।

नील को जब कीर्ति और कर्ण के झूठे रिश्ते की भनक लगी तो उसने कीर्ति से अपने सारे रिश्ते तोड़ दिए और अलग बहने लगा।

आज वह अपनी नई सेक्रेटरी के इंटरव्यू के लिए ऑफिस जा रहा है।

नील के ऑफिस पहुंचते ही उसके स्टाफ के लोगों ने उसे गुड मॉर्निंग कहा उसने सभी को वापस गुड मॉर्निंग विश किया और कहा उस नई लड़की को जो इंटरवियू देने आयी है उसे मेरी केबिन में जल्दी भेजो।

उसकी एक एंप्लोई ने कहा जी सर!

नील ने जब इंटरवियू देमए वाली लड़की को देखा तो वह चौंक गया क्योंकि वो कोई और नहीं बल्कि कीर्ति ही थी।

नील ने चौंक कर पूछा क्यों तुम्हारी शादी तो कर्ण से हो जानी चाहिए थी पर तुम इस हाल में यहां???

कीर्ति ने रुआंसे अंदाज में जवाब दिया शादी तो शायद मेरी बदनसीबी से हो गई जो तुम्हारी गलतफहमी का सामना करना पड़ा, कोई बात नहीं चलो अब जो हुआ सो हुआ मैंने पहले ही तुम्हें बताना चाहा था पर अब इन सब बातों का कोई मतलब नहीं।

शायद नौकरी तो मुझे मिलेगी नहीं इसलिए मेरा यहां से जाना ही उचित होगा नील ने गुस्से से कहा 1 मिनट तुमने क्या बताना चाहा यही कि तुम करण के साथ!!!!!! कीर्ति ने नील को रोकते हुए कहा )आगे मत कहना क्योंकि आगे शायद हमारे पवित्र प्रेम की तौहीन हो जाएगी( नील ने कहा तब कहां गई थी ये प्रेम की मर्यादा और बातें जब तुमने रंगरेलियां मनाई थीं करण के साथ।

कीर्ति ने गुस्से से कहा कब और किसने कहा तुम से शिवेंद्र ने, शायद तुमने कभी नहीं सोचा पर यह बात मुझे पता थी शिवेंद्र हमारे रिश्ते के खिलाफ है लेकिन, खैर जो भी सबूत हैं वो यह रहे मैं यहां इंटरव्यू देने नहीं बल्कि खुद को बेगुनाह साबित करने आई थी।

अब मैं शायद तुम्हारी जिंदगी से हमेशा के लिए बहुत दूर जा रही हूं।

जो कुछ भी हुआ उसमें गलती चाहे जिसकी हो सजा हमारे रिश्ते को मिली, कहा सुना माफ करना।

नील ने कीर्ति के हाथ से फोन लेकर जब वीडियो चलाया तो उसमें शिवेंद्र करण से कह रहा था कि,

)तुम कीर्ति और नील के बीच गलतफहमी पैदा कर दो फिर जो चाहो वह ले लेना, करण ने हंसते हुए कहा लेना कुछ नहीं सिवाय कीर्ति के शर्त मंजूर हो तो बताओ, शिवेंद्र पहले तो गुस्सा हुआ फिर उसने सोचा की शादी तो उसकी मर्जी के खिलाफ कर ही ली है इसने एक बार और कहीं, यही सोच कर शायद शिवेंद्र ने कह दिया ठीक है तुम्हारी शादी कीर्ति से करवा दूंगा लेकिन इन दोनों का रिश्ता टूटना चाहिए, करण ने पूछा वह सब तो ठीक है लेकिन शादी अब भी तुम्हारी मर्जी के खिलाफ होगी फिर ऐसा क्यों करवाना चाहते हो?/??? शिवेंद्र ने कहा जीतने के लिए, मैंने कभी हारना नहीं सीखा और उस नील ने मेरी बहन से शादी करके मुझे हरा दिया लेकिन वह गलत था मैं आज फिर जीतूंगा और वो तड़पेगा जिंदगी भर यह कहते हुए, दोनों हंसने लगे!!!!!( और वीडियो खत्म हो गया।

नील ने पूछा फिर तुम्हारी शादी क्यों नहीं हुई करण से???

कीर्ति ने कहा शादी तो तब होती जब मैं वहां जाती, तुमसे अलग होने के बाद मैं महिला सशक्तिकरण के एक एन।जी।ओ। से जुड़ गई और वहीं रह कर अपने जीवन का बाकी समय गुजारने लगी।

यह सुनकर नील को बहुत पछतावा हुआ और उसने अपनी गलती की सजा भुगतने के लिए तैयार होते हुए कहा मुझे चाहे जो सजा दे दो लेकिन मुझे छोड़कर मत जाना चाहो तो मैं कुछ भी करने के लिए तैयार हूं, और उसने रोते हुए कीर्ति से अपने किए की माफी मांगी और कीर्ति ने अंत में नील को माफ कर दिया क्योंकि वह भी नील के बिना नहीं रह सकती थी।

कीर्ति ने नील के गले लगते हुए कहा तुम्हें क्या लगता है कि मैं तुम्हारे बिना रह सकती हूं? नहीं मैं भी तुमसे दूर होकर बहुत तड़पी हूं।

दोनों ने एक दूसरे के आंसू पोछे और नील ने कहा चलें?? कीर्ति ने चकित होकर पूछा कहां???!!! नील ने मुस्कुरा कर कहा अपने घर !!!।। ।और कीर्ति भी मुस्कुरा दी!!!।।।

इस तरह दोनों के बीच पैदा हुई गलतफहमी का अंत हो गया।


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